अहमदाबाद/जितेंद्रकुमार संत : एन्टी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मीडिया सेल के पवन जैन पदमावत ने लिखा पत्र में उपरोक्त विषय मे अनुरोध है। की आप तौर पर ज्यातर पुलिस की कार्यप्रणाली यह है कि वह एक शिकायत दर्ज कराई जाने पर जांच शुरू कर देती है। और एक शिकायत के पूर्ण तथ्य होने के बाद शांत बैठी रहती है। उदाहरण: कभी गुमनाम, कभी किसी व्यक्ति विशेष, या किसी संस्था द्वारा किसी थाने में एक शिकायत की जाती है। ओर पुलिस ( जिसके खिलाफ शिकायत दर्ज है ) उन लोगों को बुलाना शुरू कर देती है। उन्हें नोटिस दे देती है। जबकि शिकायतकर्ता का कोई अता-पता नही होता । अतः आवश्यक है पहले शिकायतकर्ता की जांच की जाए, उस शिकायत का स्पष्टीकरण ओर शपत पत्र लिया जाए। अंतः यह प्रकिया प्रारंभ की जाए। इसी प्रकार पुलिस ( जिसके विरुद्ध शिकायत है ) पुलिस उससे करती है। अपना जवाब/ब्यान लिख दो जोकि पूर्णत: असवैधानिक है। यदि उस व्यक्ति को पता ही नही है कि उसके विरुद्ध शिकायत क्या है ??? वह क्या जवाब दे। उसे शिकायत की प्रति नही दी जाती है। जबकि न्यायालय में पहले शिकायत की प्रति ही कि जाती है। वह क्या जवाब दे। अतः यह प्रकिया बदलनी चाहिए। आशा है कि आप अविलंब उपरोक्त सुधार करने के निर्देश देंगे। पत्र ट्विटर और शिकायत पोर्टल के माध्यम से पत्र भेजा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली में परिवर्तन के विषय में एन्टी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी ने ग्रह मंत्रालय को सौंपा ज्ञापन
Published : November 9, 2021 7:10 PM IST
Updated : November 9, 2021 7:11 PM IST