सलूंबर में आयुर्वेद विभाग एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त प्रयास से आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। इस शिविर में बड़ी र संख्या में लोगों ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाया।
10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का छठवें दिन लोगों का आयुर्वेद के प्रति उत्साह जारी रहा
सलूंबर । आयुर्वेद विभाग एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त प्रयास से आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की। इस शिविर में बड़ी र संख्या में लोगों ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाया।
आज के दिन शिविर में कुल 209 से अधिक मरीजों ने आयुर्वेदिक उपचार लिया। इनमें एनसीडी (गैर-संक्रामक रोग) से पीड़ित 77 मरीजों का विशेष ध्यान रखा गया। एनसीडी (Non-Communicable Diseases) के अंतर्गत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, हृदय रोग, थायरॉयड जैसी बीमारियों का समावेश है। इन बीमारियों का आयुर्वेदिक उपचार पंचकर्म, औषधि सेवन और जीवनशैली सुधार के माध्यम से किया गया। मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार विशेष औषधियां और परामर्श प्रदान किए गए।
इसके साथ ही, शिविर में 76 मरीजों ने पंचकर्म चिकित्सा का लाभ उठाया। पंचकर्म आयुर्वेद का एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति है, जिसमें शरीर को शुद्ध और संतुलित किया जाता है। पंचकर्म में निम्नलिखित प्रक्रियाएं की गईं:
1. स्नेहनः शरीर में तेल का प्रयोग कर मांसपेशियों को लचीला और मजबूत बनाया गया।
2. स्वेदनः शरीर से विषैले तत्वों को पसीने के माध्यम से निकालने के लिए भाप चिकित्सा दी गई।
3. कटी बस्ती: पीठ के निचले हिस्से में दर्द और कमजोरी के लिए विशेष औषधीय तेल का प्रयोग किया गया।
4. जानू बस्तीः घुटनों के दर्द और जोड़ों की समस्या के लिए यह उपचार दिया गया।
5. ग्रीवा बस्तीः गर्दन के दर्द और जकड़न को दूर करने के लिए औषधीय तेल से उपचार किया गया।
शिविर में तीन मरीजों का अग्निकर्म भी किया गया, जो पुरानी दर्द की समस्याओं, मांसपेशियों के तनाव और सूजन को दूर करने के लिए प्रभावी प्रक्रिया है।
इसके अतिरिक्त, मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु 115 लोगों को निशुल्क क्वाथ सेवन कराया गया। क्वाथ एक आयुर्वेदिक हर्बल पेय है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और सर्दी, खांसी व अन्य मौसमी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
शिविर में पंचकर्म चिकित्सा कराने के लिए मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मियों ने सभी मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान कीं। इस शिविर का उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना और जनसामान्य को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना था, जो पूरी तरह से सफल रहा।
महावीर इंटरनेशनल एवं आयुर्वेद विभाग का यह प्रयास लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हुआ। आयोजकों ने इस तरह के और भी शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया।