महाराष्ट्र में निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर : उदय सामंत
मुंबई। सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान परंपरा, आधुनिक तकनीक, संरक्षण और नवउद्यमिता के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन ‘ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम 2 : सिविलाइजेशनल लेगेसी’ का मुंबई में समापन हुआ। सम्मेलन में दुनियाभर से आए प्रतिनिधियों के साथ सांस्कृतिक क्षेत्र की हस्तियां, उद्योगपति और विचारक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समापन समारोह में महाराष्ट्र के उद्योग एवं मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि महाराष्ट्र पिछले चार वर्षों से उद्योग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के क्षेत्र में देश में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि दावोस जाकर हजारों करोड़ रुपये का निवेश लाने वाले स्थानीय उद्यमियों की सराहना की जानी चाहिए। प्रगति की राजनीति से आगे बढ़कर मीडिया, सरकार और उद्योग जगत को मिलकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का निवेश और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर विशेष जोर है। प्रशासनिक देरी रोकने के लिए 48 घंटे में प्रोत्साहन मंजूर किए जा रहे हैं तथा छत्रपति संभाजीनगर से पुणे तक क्षेत्रीय विकास को गति दी जा रही है।

एपी ग्लोबले की निदेशक जान्हवी पवार ने कहा कि संस्कृति वैश्विक स्तर पर व्यापार की मजबूत आधारशिला है। विभिन्न दर्शन और विचारधाराओं का सम्मान करते हुए मानवीय मूल्यों को बनाए रखना ही टिकाऊ विश्वास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नींव बन सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के नए नवाचार आज गहन तकनीक, संस्कृति और उद्यमिता के क्षेत्रों में वैश्विक मंच पर नई दिशा तय कर रहे हैं।
सम्मेलन के दूसरे दिन रूस और दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। भारत-रूस सत्र में अभिनेत्री उमा दासगुप्ता और रूसी उप महावाणिज्यदूत मातवेई फेतिसोव ने रवीन्द्रनाथ टैगोर और लियो टॉल्स्टॉय के बीच साहित्यिक संबंधों पर विचार रखे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और फिल्म निर्माण पर फिनामेनल एआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय रॉड्रिग्ज और रूसी हाउस के प्रमुख विक्टर गोरेलिच ने चर्चा की। प्रसिद्ध सितार वादक उस्ताद पुरबायन चटर्जी ने शास्त्रीय संगीत के वैश्विक प्रसार पर मार्गदर्शन दिया।
भारत-दक्षिण अफ्रीका सत्र में वन्यजीव संरक्षण, भाषा संरक्षण और वैचारिक स्वतंत्रता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में ‘लेगेसी आवर’ और ‘फाउंडर्स ट्रैक’ के माध्यम से स्टार्टअप को निवेशकों और मार्गदर्शकों से जोड़ने के लिए मंच उपलब्ध कराया गया।
सम्मेलन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 की पृष्ठभूमि में वैश्विक सहयोग को लेकर एक मजबूत वैचारिक आधार तैयार करने का प्रयास किया।

