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माल परिवहन के विद्युतीकरण पर जोर, पेक्ट और जेडईटी मार्केटप्लेस शुरू

Reported By : Padmavat Media
Published : September 7, 2026 7:20 PM IST
नई दिल्ली | स्वच्छ परिवहन

माल परिवहन क्षेत्र के विद्युतीकरण को रणनीतिक गति देने पर जोर, पेक्ट और जेडईटी मार्केटप्लेस की शुरुआत

नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन में स्वच्छ परिवहन को लेकर साझा की रणनीति
माल परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक और समन्वित प्रयासों पर जोर

नई दिल्ली। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए भारत के स्वच्छ परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट’ (पेक्ट) और ‘जीरो एमिशन ट्रक मार्केटप्लेस’ की शुरुआत की। उन्होंने भारत के माल परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

राजीव गौबा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में ई-फास्ट संवाद के मंच से आगे बढ़कर समन्वित कार्रवाई का माध्यम बना है। यह बदलाव भारत में स्वच्छ परिवहन को लेकर सोच में आए परिवर्तन को दर्शाता है, जहां अब केवल लक्ष्य तय करने के बजाय उनके क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक परिवहन की ओर बढ़ना आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक आवश्यकता है। वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्य और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना आवश्यक है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने के साथ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

सरकारी योजनाओं से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिला बढ़ावा

गौबा ने ऑटोमोबाइल और उन्नत रसायन सेल के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं, तेल विपणन कंपनियों के निवेश से सार्वजनिक चार्जिंग ढांचे के विस्तार तथा फेम, पीएम ई-ड्राइव, परिवर्तन और पीएम ई-बस सेवा जैसी मांग आधारित योजनाओं से इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में हुई वृद्धि का उल्लेख किया।

भारी वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारी ट्रक कुल वाहन बेड़े का केवल 3 से 4 प्रतिशत हैं, लेकिन परिवहन क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में इनका योगदान एक-तिहाई से अधिक है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स संचालकों के बीच संरचनात्मक बिखराव, अधिक वित्तपोषण लागत और समन्वित परिवहन गलियारा योजना के अभाव को इस क्षेत्र के विस्तार में प्रमुख बाधाएं बताया।

माल परिवहन गलियारों के विद्युतीकरण पर जोर

गौबा ने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की ही बिक्री हुई, जबकि भारत में लगभग 70 प्रतिशत माल सड़क मार्ग से परिवहन किया जाता है। ऐसे में प्रमुख माल परिवहन गलियारों का रणनीतिक विद्युतीकरण आवश्यक है। उन्होंने इलेक्ट्रिक ट्रकों की पूंजी लागत को डीजल ट्रकों के करीब लाने के लिए मिश्रित वित्तपोषण व्यवस्था, लीजिंग मॉडल और बेहतर आंकड़ा प्रणालियां विकसित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं, वाहन निर्माताओं, चार्जिंग केंद्र संचालकों और वित्तीय संस्थानों से पेक्ट तथा जेडईटी मार्केटप्लेस के साथ जुड़कर परिवहन गलियारों, वित्तीय साधनों और व्यावसायिक मॉडलों को आकार देने में सहयोग करने का आह्वान किया।

गौबा ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन माल परिवहन से आगे एक व्यापक संस्थागत सीख भी सामने रखता है। जटिल और अधिक पूंजी वाले क्षेत्रों में सरकार की प्रभावशीलता सीधे परिणाम निर्धारित करने के बजाय ऐसी व्यवस्थाएं तैयार करने में है, जिनके माध्यम से बाजार स्वयं बेहतर विकल्प तलाश सके। उन्होंने पेक्ट को इसी प्रकार की सक्षम व्यवस्था का उदाहरण बताया।

स्रोत : प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

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