धर्म घुल गया आस्था में, शेष बचा आदमी; संकल्प सेवा रथ हुआ रवाना
बीकानेर। आस्था और धर्म में संकल्पित सेवा भाव से ओत-प्रोत श्री बीकानेर ब्राह्मण स्वर्णकार सेवा ट्रस्ट का 43वां संकल्प सेवा रथ शोभायात्रा के रूप में रवाना हुआ। शहर की सड़कों पर जहां-जहां से सेवा रथ गुजरा, श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। छतों से पुष्पवर्षा हुई और जय बाबे री के जयघोष से वातावरण धर्ममय हो गया।
श्री बीकानेर ब्राह्मण स्वर्णकार सेवा ट्रस्ट पिछले 42 वर्षों से पैदल जातरुओं की सेवा कर रहा है। ट्रस्ट के कार्यकर्ता गाजे-बाजे और जयघोष के साथ संकल्प सेवा रथ के साथ सेवा के लिए रवाना होते हैं।

ट्रस्ट के ट्रस्टी शिवकुमार सोनी ने बताया कि वर्ष 1984 में पानी के टैंकरों के माध्यम से शीतल जल सेवा से शुरुआत की गई थी। वर्तमान में हजारों पैदल जातरुओं के लिए भंडारा, रात्रि विश्राम, भोजन, चाय-नाश्ता और चिकित्सा व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ चिकित्सा सहायता, मेडिकल शिविर और एंबुलेंस सेवा का भी विस्तार किया गया है। यह निष्काम सेवा आगामी 12 दिनों तक निरंतर जारी रहेगी।
इस अवसर पर रामदेवरा विशेषांक का लोकार्पण महिला सशक्तिकरण की पोषधा पुष्पा जेठमल सोनी के हाथों किया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष धीरज सोनी ने कहा कि पैदल जातरुओं की सेवा से मिलने वाला मानसिक भक्ति और आस्था का अनुभव सभी सदस्यों में सेवा का भाव और मजबूत करता है। ट्रस्ट के कार्यकर्ता प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी सेवा के लिए पूरी तैयारी के साथ जुट गए हैं।
ट्रस्ट के सदस्य पिछले 42 वर्षों से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और जयपुर सहित विभिन्न शहरों से बीकानेर पहुंचकर सेवा कार्य में सहभागी बनते हैं। 12 दिनों तक चलने वाली इस सेवा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पैदल जातरुओं की सेवा में जुटे रहते हैं।

