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धर्मों पर टिप्पणियां चिंताजनक, विरोध भी जरूरी लेकिन सकारात्मकता से हो

Reported By : Pavan Jain Padmavat
Published : April 14, 2024 11:22 PM IST

धर्मों पर टिप्पणियां चिंताजनक, विरोध भी जरूरी लेकिन सकारात्मकता से हो

जयपुर l श्रमण संघीय चतुर्थ पट्टधर आचार्य श्री शिव मुनि जी महाराज के आज्ञानुव्रती श्रमण संघीय सलाहकार श्री दिनेश मुनि ने बताया कि वर्तमान परिपेक्ष्य में भारतीय परंपरा व धर्मों पर फिल्म,टीवी,मोबाइल यूट्यूब जैसी चीजों से धर्म की आस्था को चोट पहुंचाया जा रहा हैं,जो बहुत चिंताजनक है और सरकार भी आँखें बंद कर सब देख रही है पर धर्मावलंबी अगर जागरूक होकर अपने धर्म के प्रति निष्ठावान हो जाए तो किसी की ताक़त नहीं कि वह धर्म का किसी भी रूप में अपमान कर सके।

श्रमण डॉ.पुष्पेन्द्र मुनी ने बताया कि कभी कभी जैन धर्म के प्रति जिस तरह की टिप्पणियां होती हैं वह बहुत गंभीर और चिंताजनक है इससे नास्तिकता बढ़ती है जो सही नहीं है। जागरूकता और सकारात्मकता से विरोध होना भी जरूरी है। दूसरी ओर आज के युवा जो फैशन और व्यसन में व्यस्त हैं,उनके लिए उचित मार्गदर्शन आज के दौर में बहुत जरूरत है। इस अवसर पर श्रमण संघीय चतुर्थ पट्टधर आचार्य श्री शिव मुनि जी महाराज के आज्ञानुव्रती श्रमण संघीय सलाहकार श्री दिनेश मुनि और डॉ. द्वीपेन्द्र मुनी एवं श्रमण डॉ.पुष्पेन्द्र मुनी ने गुड मॉर्निंग इण्डिया समाचार पत्र का अवलोकन किया और समाचार पत्र के प्रधान संपादक सुरेन्द्र जैन को आशीर्वाद दिया l

इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलात विभाग की निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव नलिनी कठोतिया विशेष रूप से दर्शनार्थ उपस्थित हुई श्रमण सलाहकार दिनेश मुनि ने कठोतिया को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सरकार द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण के लिए जो योजनाए चल रही है और जो अभी तैयार की जा रही है उनके संदर्भ मे जानकारी प्राप्त की और वहां बैठे श्रावक – श्राविकाओ को समाज में उसका व्यापक प्रचार – प्रसार करने के लिए आदेश दिया जिससे कि जैन समुदाय के लोगों को उसका उचित लाभ मिल सकें। हाल ही में 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा जारी किए श्रमण सुरक्षा के आदेश पर भी उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार व समुदाय के बीच सामंजस्य स्थापित हो जिससे कि विहार दौरान संतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने बताया कि जैन धर्म के श्रमणो का जीवन कठोरतम धर्म है। पैदल चलना,अहिंसा यात्रा को आगे बढ़ाना,हाथों से केशों का लोचन करना,गांव-गांव जाकर धर्म के प्रति अलख जगाना,जीवन का अनुभव धर्म है।

इस अवसर पर श्रमण संघीय सलाहकार दिनेश मुनि ने अल्पसंख्यक मामलात विभाग की निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव नलिनी कठोतिया एवं गुड मॉर्निंग इण्डिया के प्रधान संपादक सुरेन्द्र जैन और राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन को “हमारे गणधर” व “हमारे श्रावक” दोनों साहित्यों और जिनशाशन का कैलेण्डर भेंट किया।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक मामलात विभाग की निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव नलिनी कठोतिया,नचिकेता गुरुकुल के मंत्री मुकेश जैन, अल्पसंख्यक मामलात विभाग की कार्यक्रम अधिकारी सुनिता जैन, राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के संरक्षक अशोक बांठिया एवं सलाहकार सुरेन्द्र जैन एवं गौरव जैन आदि उपस्थित रहे l

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