Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान

भारत को गर्व है कि हमारे पास स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हैं : कवि सुनील पटेल

Reported By : Pavan Jain Padmavat
Published : April 17, 2024 9:02 PM IST

भारत को गर्व है कि हमारे पास स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हैं : कवि सुनील पटेल

– खूब जमा कवि सम्मेलन, हंसी के फव्वारे तो कभी ओज में डूबा माहौल

डूंगरपुर। घाटा का गांव में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन कथा पंडाल में आयोजित किया गया। कवि सम्मेलन में आयोजक परिवार द्वारा आमंत्रित कवियों एवं अतिथियों का माल्यार्पण के द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कवि सम्मेलन में बतौर अतिथि आचार्य श्री रुद्रशेखर जी महाराज व कपिल पाटीदार रहे। विशिष्ट अतिथि शिवराम पाटीदार, चंद्रशेखर, गिरीश शाह, सुरेश पाटीदार, गटुलाल पाटीदार, मनोज पाटीदार, मुकेश पाटीदार रहें। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। स्वागत उद्बोधन गांव के डायालाल पाटीदार ने दिया। कवि छत्रपाल शिवाजी ने कभी यहां पर कभी वहां पर, जीवन बहती धारा है कभी भँवर में अटकी साँसें, मिलता कभी किनारा है। कविता के इस महायज्ञ में, खुद को होम दिया हमने, इश्क किया है सिर्फ कलम से, हम आशिक बंजारा हैं रचना पढ़ी तो लोग दाद देते रहे। गौमुखी पाटीदार ने उम्दा सृजन के लिए कवि को कागज हो जाना होता है। कृष्ण को लिखने की मंशा हो अगर हदय में, तो कुछ वक्त के लिए ही सही मगर कवि को राधा हो जाना होता हैं। इन पंक्तियों से कृष्ण भक्ति का एहसास करवाया। कवि रोमिल पाटीदार ने जो बेटियों की इज्जत से खेले ऐसे दरिंदों के लिए चौराहे पर गर्दन काटी जाए देश में ऐसा कानून चाहिए एव देशभक्ति कविता सैनिक भारत मां के लिए जान तक दे देता है तब जाकर के हिंदुस्तानी तिरंगा लहराता हैं। रचना सुनाई तो जोश में वक़्त ठहर सा गया। रचनाधर्मियों के काव्य पाठ जैसे-जैसे परवान चढ़े श्रोता भी उनकी फुहार में भीगते रहे। संयोजक कवि सुनील पटेल सन्नाटा नेजपुर ने भारत को गर्व है कि हमारे पास स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हैं। न भूखा सो सके भारत यही सपना किसानों का कविता के माध्यम से किसानों की दर्द बयानी की। देर रात तक गीतों, गजलों ओज की कविताओं व हास्य-व्यंग्य के ठहाकों के बीच श्रोता झूमतें रहे। रोहिणी पंड्या ने उठो जगो बढ़े चलो कलम यही पुकारती, रहे अखंड़ सर्वदा हमारी मात भारती कविता पढ़ी। कवि गोपाल सेवक ने “टीवी नो असर मारी पत्नी माते पड्यो एवो जोरदार, टीवी ना चक्कर में भूली जाए ” रचना पढ़कर सामाजिक जीवन पर टीवी के प्रभाव को रेखांकित किया। सुरेश सरगम फलोज ने आज भी भारतीय संस्कृति में करवा चौथ ही स्त्री के लिए महत्वपूर्ण त्यौहार है रचना पढ़कर भारतीय संस्कृति व संस्कारों का वर्णन किया। बाल कवि आगम शाह ने भी कविता सुनाई। नवयुवक मंडल अध्यक्ष नरेश पाटीदार ने आभार जताया। विकास पाटीदार, राजेश पाटीदार, संजय पाटीदार समेत नवयुवक मंडल के सभी सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहें।

Related posts

महारानी कॉलेज में राजस्थान यूनिवर्सिटी अध्यक्ष निर्मल चौधरी से क्यों हुई मारपीट, क्या है पूरा मामला

Padmavat Media

शर्मनाक: 70 साल के बुजुर्ग ने 8 साल की मासूम को कमरे में ले जाकर हदें पार की

Padmavat Media

डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता मिशन का आयोजन किया गया

Padmavat Media

Leave a Comment

error: Content is protected !!