जय अंबे आश्रम में हर्षोल्लास से मनाया गया पवन जैन पदमावत का जन्मदिवस
उदयपुर। शहर के मेवाड़ शक्ति कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित
जय अंबे आश्रम में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी के
मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत का जन्मदिवस बड़े हर्षोल्लास, आत्मीयता और राजस्थानी परंपरा के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर आश्रम परिसर को आकर्षक पुष्पमालाओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों और झालरों से सजाया गया। वातावरण में उमंग, भक्ति और सौहार्द की सुगंध फैली रही। उपस्थित सभी लोगों ने एक पारिवारिक और भावनात्मक माहौल में समारोह को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पवन जैन पदमावत के स्वागत-सम्मान से हुई, जिसमें उनका राजस्थानी परंपरा के अनुसार उपरणा, शॉल ओढ़ाकर एवं पगड़ी पहनाकर आदरपूर्वक अभिनंदन किया गया। तालियों की गूंज और “जय माता दी” के जयकारों के बीच माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
इसके बाद पवन जैन पदमावत ने केक काटकर अपने जन्मदिवस का शुभारंभ किया। उपस्थित जनों ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिन्ह और शुभकामना पत्र भेंट कर उनके प्रति स्नेह और सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान मिठाइयों का वितरण हुआ और सभी ने मिलकर खुशियाँ साझा कीं।
मेवाड़ शक्ति कल्याण ट्रस्ट की संस्थापिका अध्यक्ष बसंती वैष्णव, महामंत्री गजेंद्र जैन, उपाध्यक्ष कृष्णा कुंवर राणावत सहित आश्रम की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने कहा कि पवन जैन पदमावत का जीवन समाजसेवा, निष्ठा और सच्चाई के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि पवन जैन पदमावत एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार नियंत्रण, महिला सुरक्षा, जनहित जागरूकता और निष्पक्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सदैव “न रिश्वत लेंगे, न रिश्वत देंगे” की नीति को जीवन में अपनाया है और समाज में ईमानदारी का संदेश फैलाया है।
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि पवन जैन पदमावत जैसे युवाओं की सोच और कर्म समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उनका कार्य हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है, जो देश, समाज और नैतिक मूल्यों के लिए कुछ करना चाहता है।
अपने उद्बोधन में पवन जैन पदमावत ने कहा — “मेरे जीवन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करना है। मेरा हर कदम उस भारत के निर्माण के लिए समर्पित है, जो भ्रष्टाचार मुक्त, सुरक्षित और न्यायप्रिय हो। मैं अपना यह जन्मदिन भी समाजसेवा के नए संकल्प के रूप में देखता हूँ।”
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और शुभकामनाएँ दीं। प्रसाद वितरण के बाद आश्रम परिसर में पारिवारिक माहौल और आनंद का वातावरण देर शाम तक बना रहा।

