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PM-SETU से जम्मू-कश्मीर के आईटीआई बनेंगे उद्योग-तैयार कौशल केंद्र

Reported By : Padmavat Media
Published : September 10, 2026 3:19 PM IST
श्रीनगर

PM-SETU से जम्मू-कश्मीर के आईटीआई बनेंगे उद्योग-तैयार कौशल केंद्र

482 करोड़ रुपये के संभावित निवेश से उच्च मांग वाले कौशल और बेहतर रोजगार पर रहेगा फोकस

श्रीनगर । मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का उन्नयन केवल भौतिक बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने वाले संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर रोजगार मिल सके।

मुख्य सचिव ने केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि योजना से जुड़े उद्योग भागीदारों को वित्तीय सहयोग के साथ तकनीक, विशेषज्ञता, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियां, औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव और प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।

उन्होंने सरकार, उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच करीबी समन्वय के माध्यम से पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया।

कौशल विकास विभाग के सचिव कुमार राजीव रंजन ने योजना की संस्थागत संरचना, वित्तीय व्यवस्था, आईटीआई के उन्नयन और जम्मू-कश्मीर में इसके क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में पांच वर्षों के दौरान करीब 482 करोड़ रुपये के संभावित निवेश का प्रावधान है। प्रत्येक हब-एंड-स्पोक समूह के लिए 241 करोड़ रुपये निर्धारित किए जाएंगे।

योजना के तहत 10 सरकारी आईटीआई को आधुनिक और उद्योग उन्मुख कौशल संस्थानों में बदला जाएगा। इन्हें दो हब-एंड-स्पोक समूहों में संगठित किया जाएगा। प्रत्येक प्रशासनिक संभाग में एक हब आईटीआई चार स्पोक आईटीआई के लिए केंद्रीय तकनीक एवं संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

उन्नत हब आईटीआई में आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण सुविधाएं, नवाचार एवं उद्यमिता सुविधाएं और प्रशिक्षकों के क्षमता निर्माण की व्यवस्था होगी। योजना का लक्ष्य संस्थागत स्तर पर 75 प्रतिशत रोजगार उपलब्धि दर हासिल करना है।

PM-SETU की प्रमुख विशेषता उद्योग आधारित क्रियान्वयन व्यवस्था है। विशेष प्रयोजन संस्थाओं के माध्यम से उद्योगों की संस्थागत संचालन, पाठ्यक्रम चयन, तकनीक अपनाने, प्रशिक्षण और रोजगार में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशिक्षण को बाजार की जरूरतों के अनुरूप मांग आधारित बनाया जाएगा और पाठ्यक्रमों को समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा।

प्राथमिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में उन्नत एवं स्मार्ट विनिर्माण, भारी इंजीनियरिंग एवं वाहन उद्योग, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार, प्रक्रिया उद्योग एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा वस्त्र, परिधान, निर्माण और भवन आंतरिक सज्जा सहित रोजगार की मजबूत संभावनाओं वाले अन्य उभरते क्षेत्र शामिल हैं।

योजना के तहत केंद्र सरकार 74.7 प्रतिशत, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन 8.3 प्रतिशत और प्रमुख उद्योग भागीदार 17 प्रतिशत योगदान देंगे। प्रत्येक हब आईटीआई की औसत अनुमानित लागत करीब 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई की करीब 40 करोड़ रुपये होगी।

भाग लेने वाली कंपनियों के लिए निर्धारित प्रमुख मानकों में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान कम से कम 200 करोड़ रुपये का औसत वार्षिक कारोबार, सकारात्मक निवल संपत्ति और 500 या उससे अधिक नियमित कर्मचारियों का होना शामिल है।

मुख्य सचिव ने कहा कि PM-SETU की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि योजना उद्योगों के लिए तैयार कुशल मानव संसाधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बेहतर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने में कितनी प्रभावी रहती है। इससे कौशल विकास केंद्र शासित प्रदेश की आर्थिक वृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।

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