उदयपुर की झीलों और स्वच्छता पर उठे गंभीर सवाल, पर्यटन विशेषज्ञ यशवर्धन राणावत ने किया प्रदूषण नियंत्रण मंडल अध्यक्ष से सीधा संवाद

उदयपुर। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) द्वारा होटल लेकएंड में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शहर के पर्यटन विशेषज्ञ एवं होटल एसोसिएशन उदयपुर के उपाध्यक्ष ने उदयपुर की झीलों की दयनीय स्थिति और शहर में व्याप्त कचरे के मुद्दे पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए सीधा बेबाक संवाद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएसपीसीबी के अध्यक्ष आईएएस डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने की। इस अवसर पर क्षेत्रीय अधिकारी शरद सक्सेना भी मौजूद रहे।
राणावत के तीखे सवाल:
राणावत ने कहा कि उदयपुर की झीलों में लगातार सीवेज और कचरे का मिलना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम की इस घोर उपेक्षा पर अंतर-विभागीय नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने खुले कचरे की समस्या पर भी सवाल उठाते हुए कहा: खुले कचरे पर जानवरों का जमावड़ा होता है, जिससे दुर्घटनाएं और डॉग बाइट्स जैसी घटनाएं होती हैं। कचरे से उठती दुर्गंध और कीटाणु भी स्वास्थ्य के लिए खतरा बनते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने शिकारबाड़ी कॉलोनी और टाइगर हिल्स में वर्षों से खुले सीवेज और गंदे पानी से भूजल प्रदूषण की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम के अ
भाव पर तत्काल समाधान की मांग की और इसे मानवाधिकार और सुरक्षा का अहम मुद्दा बताया।
CETP डिपॉजिट की वापसी पर जोर
राणावत ने यह भी कहा कि पूर्व में होटल उद्योग से केंद्रीय अपशिष्ट शोधन संयंत्र (CETP) के लिए जो रिफंडेबल डिपॉजिट लिया गया था, वह अब तक वापस नहीं किया गया है, जबकि हिंदुस्तान जिंक और यूआईटी द्वारा CETP लगाया जा चुका है। उन्होंने इस राशि को शीघ्र लौटाने का आग्रह किया।
अन्य वक्ताओं की भागीदारी
कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन अध्यक्ष सुदर्शन देव सिंह कारोही, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता, उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति अध्यक्ष कपिल सुराना सहित कई संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य व्यवसायी उपस्थित रहे। अध्यक्ष कारोही ने होटलों के वर्गीकरण में ढील देने की मांग भी रखी, ताकि पर्यटन क्षेत्र में अधिक निवेश को प्रोत्साहन मिल सके।
संवाद रहा प्रभावी, कार्रवाई की उम्मीद
लगभग 90 मिनट तक चले संवाद कार्यक्रम में अनेक सार्थक प्रश्न उठाए गए। अध्यक्ष डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कई सवालों के जवाब दिए और कुछ मुद्दों पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
अब उदयपुर के नागरिकों और सहभागी संगठनों को उम्मीद है कि प्रशासन शहर की झीलों, पर्यावरण और स्वच्छता को लेकर जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही करेगा, जिससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी और उदयपुर स्वच्छता में नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
— पदमावत मीडिया विशेष संवाद रिपोर्ट


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