उदयपुर पर्यटन हितधारकों की पहल : यातायात सुधार और सुव्यवस्थित पार्किंग से शहर को नया स्वरूप देने का लिया संकल्प
उदयपुर। उदयपुर की बढ़ती यातायात समस्या और अव्यवस्थित पार्किंग को देखते हुए होटल पैरेलल, सहेलियों की बाड़ी रोड पर बुधवार को पर्यटन हितधारकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक में पर्यटन विशेषज्ञ एवं होटल एसोसिएशन उदयपुर के उपाध्यक्ष यशवर्धन राणावत, पूर्व देहात ज़िला अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान, सुष्मिता सिंघा, कर्नल कमलदीप सिंह डबास, सीपी अग्रवाल, सौरभ जैन, सुल्तान सिंह, चिन्मय दीक्षित, हर्षवर्धन सिंह राणावत, संयम जैन, प्रदीप रवानी, अक्षय भंडारी, सुनील पालीवाल, सद्दाम शेख और लोकेश पालीवाल सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में यह सर्वसम्मति बनी कि उदयपुर, जो विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है, उसकी छवि को बनाए रखने और पर्यटकों को सुखद अनुभव देने के लिए यातायात समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है।
सदस्यों द्वारा कई ठोस सुझाव प्रस्तुत किए गए।
मुख्य बिंदु :
- संकरी गलियों में अव्यवस्थित पार्किंग और बेतरतीब यातायात पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए गंभीर समस्या है।
- लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए शहर की बाहरी परिधि में पर्यटक वाहन पार्किंग, पार्क एंड राइड सुविधा, ओल्ड सिटी के कुछ क्षेत्रों में पैडेस्ट्रियन ज़ोन, सैटेलाइट पार्किंग, रिंग रोड और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी योजनाएँ तुरंत लागू की जाएं।
- पर्यटन सीज़न में यातायात अव्यवस्था से शहर की छवि प्रभावित होती है, इसे रोकने के लिए झीलों में फीडिंग जेट्टियाँ बनाकर बोट के माध्यम से पर्यटकों को लाने-लेजाने की व्यवस्था विकसित की जाए।
पर्यटन विशेषज्ञ यशवर्धन राणावत ने कहा:
“उदयपुर को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने के लिए यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता देनी होगी।
हम सभी पर्यटन हितधारक प्रशासन के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं, ताकि यहाँ आने वाला हर पर्यटक एक सुखद और शांतिपूर्ण अनुभव लेकर जाए।”
चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने कहा:
“सड़क अनुशासन और पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करना यातायात सुधार की पहली आवश्यकता है।
समाज और प्रशासन मिलकर ही इस दिशा में स्थायी बदलाव ला सकते हैं।”
अन्य पर्यटन हितधारकों ने भी जोर दिया कि पर्यटन सीज़न की अव्यवस्था सीधे-सीधे पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करती है। यातायात समस्या केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें समाज और पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों की संयुक्त भागीदारी जरूरी है। सभी ने यह प्रस्ताव रखा कि होटल व्यवसायी, गाइड्स, ट्रैवल एजेंसियाँ, दुकानदार और अन्य पर्यटन हितधारक प्रशासन के साथ मिलकर एक ‘सुगम एवं शांतिपूर्ण पर्यटन सीज़न’ सुनिश्चित करेंगे।
अंत में यह निर्णय लिया गया कि उदयपुर के पर्यटन हितधारक प्रशासन के साथ मिलकर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेंगे,
जिससे आने वाला पर्यटन सीज़न पूरी तरह से सुगम, सुरक्षित और यादगार बन सके।


1 comment
Old city me car ki entry band kar do or ye bike rent ki bike kadi rahti hai in per bi lagaam lagao..