उदयपुर,महाराणा कुम्भा परिषद में स्वर लहरी की जुलाई माह में सावन संगीत की बैठक आयोजित हुई।सुरभि मेनारिया धींग ने बताया इस माह सावन संगीत और ग़ज़ल और राग तिलक कामोद सिखायी गई,कन्वीनर पुष्पा लोढ़ा ने बताया गुरु फ़ैयाज़ ख़ान साहब और तबला संगत सूरज जी के सानिध्य में पंख होते तो उड़ आती रे,अरे जा रे हट नटखट गीत सिखाये गये।संस्थापिका पुष्पा कोठारी ने सभी स्वर लहरी की सदस्यों का अभिवादन किया।ग्रुप में जुड़ने के लिए ऑडिशंस की प्रक्रिया करवायी गई।कार्यक्रम में नंदिनी बख्शी,चंद्रकांता मेहता,शिवा तलेसरा,डॉ विमला धकड़,रेखा मोगरा,एल्क बख्शी,मंजु भानावत,चाणक्या गलूण्डिया,ममता कोठारी,शमीम शेख़,उषा सारूरपिया,कांता कोठारी,शारदा,विनीता बया,डॉ आशा ख़मेसरा,रेणु जैन,डॉ प्रमिला जैन,बेला जैन,मधु मुनेत,,शांता सारूप्रिया,अरुणा सियाल,,डॉ सर्वेश माथुर,रेखा मेहता,उपस्थित रहे।गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दोनों संगीत गुरुओं को माला, उपरना, श्रीफल आदि भेंटकर सम्मानित किया गया तथा पुष्पा लोढ़ा ने संगीत द्वारा पूरे स्वर लहरी ग्रुप की और से वंदन , अभिनंदन किया ।
स्वर लहरी ने गुरुवर के साथ मनाई गुरुपूर्णिमा, सावन संगीत में सीखी तिलक कामोद राग
Published : July 8, 2023 12:57 PM IST