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महाराणा प्रताप वार्षिक जिओ पोलिटिक्स डायलोग 2024 संपन्न

Reported By : Pavan Jain Padmavat
Published : March 24, 2024 12:59 PM IST

महाराणा प्रताप वार्षिक जिओ पोलिटिक्स डायलोग 2024 संपन्न

बदलते वैश्विक परिपेक्ष्य में विश्वमित्र के रूप में भारत की भुमिका थीम पर हुई चर्चा

उदयपुर । अन्तराष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीती पर कार्यरत प्रतिष्ठित थिंक टेंक उसानास फाउण्डेशन द्वारा, विदेश मंत्रालय भारत सरकार के साझे में आयोजित ‘‘बदलते वैश्विक परिपेक्ष्य में विश्वमित्र के रूप में भारत की भुमिका’’ थीम पर आधारित ‘‘महाराणा प्रताप वार्षिक जिओ पोलिटिक्स डायलॉग’’ शनिवार को उदयपुर में सम्पन्न हुआ। जिसमे 32 ख्यातीनाम विदेश नीती विशेषज्ञ, सैन्य सलाहकार एवं विभिन्न देशों के राजदुतों द्वारा अपने विचार व्यक्त किये गये। दीप प्रज्जवलन के साथ उसानास फाउण्डेशन की निदेशक अनीता जैन द्वारा फाउण्डेशन की गतिविधियों व उद्देश्यों के बारे में बताया गया। नाथद्वारा विधायक महाराज कुमार विश्वराज सिंह द्वारा महाराणा प्रताप के जीवन व तत्कालीन सुरक्षा नीती पर प्रकाश डाला गया। भारत के पूर्व विदेश राज्य मन्त्री एम.जे. अकबर एवं दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल श्री तेजेन्द्र खन्ना एवं उपप्रधानमंत्री जाडर्न जावेद अदनानी ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन दिया। कुल 7 सत्र व 3 मुख्य स्पीच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जार्डन के पूर्व उपप्रधानमन्त्री, श्री जावेद अहमद अलनानी ने ‘‘भारत एक अरब देशों के मध्य बढ़ते आर्थिक सम्बन्धों’’ पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत की विविधता पूर्ण एवं मल्टी सेक्टोरल अर्थव्यवस्था अरब देशों के लिए एक मॉडल आर्थिक रूपरेखा प्रस्तुत करती हैं। जिसमें विदेश मंत्रालय भारत सरकार के सचिव मुक्तेश परदेसी, संयुक्त सचिव के.डी. देवल व चंदनदीप कौर, भारत के पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुणायत, राजदूत अशोक सज्जन हार, संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक सचिव श्रीमती लक्ष्मी पुरी, यु.पी. एस सी सदस्य रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, पुर्व आई. पी. एस. रवि सोलंकी एवं तुर्किये के भारत में एम्बेसेडर मेहमत हसन गोगस एवं विदेश मंत्रालय की प्रतिनिधि द्वारा विचार व्यक्त किये गये। देश के विभिन्न राज्यों से कई छात्रों एवं शोधार्थीयों ने आॅनलाईन एवं आॅफलाईन हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता एम.जे. अखबर ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम अपने पड़ौसी नहीं बदल सकते पर हम अपनी विदेश नीति बदल सकते है। मुख्य वक्ता श्री तेजेन्द्र खन्ना ने कहा की धर्म के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा नही होनी चाहिए।

उसानास फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ अभिनव पण्ड्‌या द्वारा लिखित किताब ‘‘टेस्ट फाइनेंसिंग इन कश्मीर’’ का विमोचन किया गया व यु एन सुरक्षा परिषद में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधी श्री टी. एस. त्रिमुति द्वारा किताब पर विचार व्यक्त किये गये। कॉन्फ्रेन्स में अभिव्यक्त विभिन्न विचारो को विदेश मन्त्रालय द्वारा अपनी पॉलीसी ब्रीफ में शामील कर भारत सरकार को भेजा जाएगा।

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