राजस्थान विद्यापीठ ने भव्या राठौड़ को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की
उदयपुर। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), उदयपुर के कंप्यूटर साइंस संकाय में शोधरत भव्या राठौड़ को उनकी उत्कृष्ट शोध उपलब्धियों के लिए पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है। भव्या ने “हेट्रोजीनियस डेटा ट्रैफिक में आईओटी आधारित डब्ल्यूएसएन के लिए क्यूओएस पर सुरक्षा उपायों के प्रभाव में सुधार” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण कर यह गौरव हासिल किया।
यह शोध कार्य कंप्यूटर विज्ञान के अत्याधुनिक क्षेत्रों—इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), वायरलेस सेंसिंग नेटवर्क (WSN) और क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS)—को केंद्र में रखते हुए किया गया है, जिसमें भव्या ने डिजिटल युग की बढ़ती चुनौतियों के बीच डेटा ट्रैफिक की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी उपायों पर गहन अनुसंधान किया। उनका यह शोध कार्य भविष्य में साइबर सुरक्षा, स्मार्ट सिटी नेटवर्क्स और उन्नत डाटा ट्रांसमिशन तकनीकों के लिए नई दिशा तय करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
शोध निर्देशन की भूमिका वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. भारत सिंह देवड़ा ने निभाई, जिनके मार्गदर्शन में भव्या ने न केवल तकनीकी बारीकियों को समझा, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से अनुसंधान में भी उतारा। इस शोध के माध्यम से भव्या राठौड़ ने यह प्रमाणित किया है कि महिलाओं की भागीदारी अब केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीकी नवाचार और शोध की दिशा में भी वे अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति, फैकल्टी सदस्यगण एवं शोध समुदाय ने भव्या राठौड़ की इस शैक्षणिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भव्या की यह उपलब्धि संस्थान के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और अन्य युवाओं को उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
भव्या राठौड़ की यह उपलब्धि न केवल तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता और शोध पर आधारित दृष्टिकोण को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि यदि संकल्प और समर्पण हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।

