फेयरप्ले केस : ईडी ने 307 करोड़ की संपत्तियां की अटैच
मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुंबई जोनल ऑफिस ने 19 सितम्बर 2025 को फेयरप्ले मामले की जांच के तहत 307.16 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई। अटैच संपत्तियों में दुबई (यूएई) में स्थित जमीन, विला, फ्लैट और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
ईडी ने यह जांच वायकॉम18 मीडिया प्रा. लि. द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में फेयरप्ले और अन्य पर
गैरकानूनी प्रसारण और ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया गया था। बाद में अन्य एफआईआर को भी जोड़कर बड़ी स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि फेयरप्ले के पीछे मुख्य व्यक्ति कृष लक्ष्मीकांत शाह है, जो दुबई से अपने सहयोगियों के साथ इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था। शाह ने कुराकाओ, दुबई और माल्टा में कई कंपनियां रजिस्टर कर रखी थीं, जिनके जरिए भारत और विदेशों में गैरकानूनी संचालन किया जाता था। शाह, उनके परिजनों और सहयोगियों ने यूएई में बड़ी संख्या में चल-अचल संपत्तियां अर्जित कीं।
ईडी ने इससे पहले 2024 और 2025 में कई बार तलाशी अभियान चलाया था। अब तक की गई कार्रवाई में कुल 651.31 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच और जब्त की जा चुकी हैं। फरवरी 2025 में चिंतन शाह और चिराग शाह को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए कोर्ट, मुंबई में अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है।
ईडी ने कहा कि फेयरप्ले प्रकरण में धन शोधन की रकम कई सौ करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है और इसमें विदेशों के माध्यम से
ट्रेड बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग का इस्तेमाल हुआ है। जांच जारी है।

