सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल, दो माह से अधूरा काम; धूल से वाहन चालक परेशान
देपालपुर (संदीप सेन)। देपालपुर से इंगोरिया मार्ग के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। मेंढकवास, फरकोदा और बिरगोदा के बीच सीमेंट-कंक्रीट सड़क के साथ नाली निर्माण का काम चल रहा है। इसी दौरान सड़क की पटरियों के भराव में निर्धारित निर्माण सामग्री के बजाय नाली की खुदाई से निकली मिट्टी का उपयोग किए जाने की शिकायत सामने आई है।
मोरम के स्थान पर खुदाई की मिट्टी से भराव का आरोप
सड़क की दोनों ओर पटरियों को मजबूत और समतल करने के लिए मोरम का उपयोग किया जाना प्रस्तावित है। आरोप है कि नाली निर्माण से निकली मिट्टी से ही पटरियों का भराव किया जा रहा है। इससे सड़क की गुणवत्ता और निर्माण मानकों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अनुपयुक्त मिट्टी के उपयोग से बारिश के बाद धंसाव, कटाव और सड़क के असमतल होने की आशंका भी बनी रहती है।
मोहित गार्डन के सामने दो माह से काम बंद
बिरगोदा से देपालपुर की ओर आने वाली सड़क का निर्माण मोहित गार्डन के सामने पहुंचने के बाद लंबे समय से अधूरा पड़ा है। यहां फिलहाल एक ओर से यातायात संचालित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस हिस्से में करीब दो माह से निर्माण कार्य बंद है। इससे वाहन चालकों को परेशानी के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश का हवाला, जवाब पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के उज्जैन संभागीय प्रबंधक विजय सिंह का कहना है कि बारिश के कारण काम बंद किया गया है और मौसम ठीक होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश को दो माह तक काम बंद रहने का कारण बताना उचित नहीं है। लोगों ने अधूरे हिस्से में सुरक्षित यातायात और निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है।
सड़क पर बिखरी मिट्टी से बढ़ा हादसे का खतरा
फरकोदा से मेंढकवास के बीच सड़क की पटरियों पर मिट्टी का भराव किया गया है, लेकिन इसका कुछ हिस्सा सड़क पर ही बिखरा हुआ है। वाहनों के गुजरने पर मिट्टी उड़कर धूल बन रही है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दृश्यता प्रभावित होने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
मौके पर जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
क्षेत्रवासियों ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर पटरियों में इस्तेमाल की गई सामग्री की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही सड़क पर बिखरी मिट्टी हटाने, यातायात व्यवस्था सुरक्षित करने और मोहित गार्डन के सामने अधूरे पड़े निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे मार्ग में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन सुनिश्चित होना चाहिए।

