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मुख्यमंत्री डायल 112 सेवा का शुभारंभ: मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और हर प्रकार की सहायता का नया युग

Reported By : Padmavat Media
Published : August 16, 2025 7:40 PM IST

मुख्यमंत्री डायल 112 सेवा का शुभारंभ: मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और हर प्रकार की सहायता का नया युग

मुख्यमंत्री डायल 112 सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस की डायल 112 सेवा का लोकार्पण कर प्रदेशवासियों को त्वरित प्रतिक्रिया और हर प्रकार की सहायता का भरोसा दिलाया।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस की नवीन आपातकालीन सेवा डायल 112 का लोकार्पण कर प्रदेशवासियों को त्वरित प्रतिक्रिया और हर प्रकार की सहायता का भरोसा दिलाया। यह सेवा प्रदेश के नागरिकों के लिए सुरक्षित समाज के ईको सिस्टम का आधार बनेगी और मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस की नीति को साकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस समाज में व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। डायल 112 की शुरुआत पुलिस की तत्परता बढ़ाने की एक नई पहल है, जो वन नंबर फॉर ऑल सर्विसेज के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर डायल 112 वाहनों का लोकार्पण किया और जिलों में भेजे जाने वाले वाहनों को झंडी दिखाई।

नवीन तकनीक और अत्याधुनिक वाहनों के साथ डायल 112 सेवा
डायल 112 सेवा के लिए 1500 करोड़ से अधिक की लागत से 1200 फर्स्ट रेस्पॉन्स व्हीकल (एफआरवी) खरीदी गई हैं, जिनमें स्कॉर्पियो और बुलेरो नियो जैसी अत्याधुनिक गाड़ियां शामिल हैं। एफआरवी वाहनों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम नई तकनीक से सुसज्जित हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय और कार्रवाई संभव होगी।

मध्यप्रदेश के डायल 100 मॉडल को उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों ने भी अपनाया है। डायल 100 ने अपनी सजगता और दक्षता से प्रदेश में 2 लाख 23 हजार बुजुर्ग, 19 लाख से अधिक महिलाओं, 1300 नवजातों और 23 हजार गुमशुदा बच्चों को परिवार से जोड़ा।

नवाचार और प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस की दक्षता बढ़ी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस अधिकारियों और जवानों को नई चुनौतियों के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है। अवैध और गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को राज्य शासन से पूरी छूट प्राप्त है। वीडियो कॉल और इंटरनेट के माध्यम से ई-समन की प्रक्रिया प्रदेश में अग्रणी बनी है और अन्य राज्य इसका अनुसरण कर रहे हैं।

पुलिस की संवेदनशीलता और कोरोना काल में योगदान
कोविड के दौर में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में स्वास्थ्य और स्वच्छता कर्मियों की सेवाएं भी अविस्मरणीय रहीं। पुलिस जवान और अधिकारी हर चुनौतीपूर्ण स्थिति में तत्पर रहे और नागरिकों के विश्वास को बनाए रखा।

डायल 112 सेवा से नागरिकों को हर प्रकार की सहायता
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि डायल 112 के लोकार्पण से प्रदेशवासियों को हर प्रकार की आपातकालीन सहायता प्राप्त होगी। सेवा के माध्यम से एफआरवी वाहनों की संख्या बढ़ाकर 1200 की गई है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर 112 शुरू किया गया है।

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री, महापौर भोपाल, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक टेलीकॉम, पुलिस अधीक्षक डायल 112 सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

तकनीकी उन्नति और सार्वजनिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित कैमरों को अन्य निगरानी तकनीकों से जोड़कर चौकसी को और प्रभावी बनाया जाएगा। नगरों के प्रमुख मार्गों पर इतिहास और संस्कृति से जुड़े द्वार विकसित किए जा रहे हैं, जो पुलिस जवानों के लिए ड्यूटी करना आसान बनाएंगे। तकनीकी विकास से पुलिस की कार्यशैली में बड़ा बदलाव आया है और पुलिस अब अत्याधुनिक उपकरणों एवं प्रक्रियाओं के माध्यम से अपराधियों का तुरंत पता लगा रही हैं।

इतिहास की याद और स्वतंत्रता दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 अगस्त का दिन हमें विभाजन की विभीषिका की याद दिलाता है। तत्कालीन समय में पुलिस और सुरक्षा बलों ने हरसंभव जिम्मेदारी का निर्वहन किया। भारत आज मजबूत सेना के बल पर सुरक्षित है और आगामी समय में देश का गौरव बढ़ेगा।

डायल 112 सेवा प्रदेशवासियों की सुरक्षा को और मजबूत करेगी और तकनीक के माध्यम से पुलिस की कार्यक्षमता और दक्षता को नई ऊँचाई पर ले जाएगी। यह सेवा प्रदेशवासियों को हर प्रकार की त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।

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