लद्दाख में 13वें खारदुंग ला चैलेंज 2026 का आगाज
लेह । लद्दाख की सबसे चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाली अल्ट्रा मैराथन में शामिल 13वें खारदुंग ला चैलेंज 2026 का शुक्रवार तड़के खारदुंग गांव से शुभारंभ हुआ। करीब 72 किलोमीटर लंबी इस कठिन दौड़ की शुरुआत सुबह लगभग 3 बजे हुई। दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने लद्दाख के दुर्गम, ऊबड़-खाबड़ और बेहद ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र से गुजरते हुए अपनी शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। यह आयोजन लद्दाख मैराथन 2026 का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से आए धावक भी हिस्सा ले रहे हैं।
सुबह के अंधेरे में जब धावकों ने हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाओं की पृष्ठभूमि में दौड़ शुरू की, तो पूरे क्षेत्र में साहस, रोमांच और उत्साह का वातावरण बन गया। कठिन मौसम, ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बीच प्रतिभागियों ने अदम्य हिम्मत का परिचय दिया। खारदुंग ला चैलेंज केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती, अनुशासन, साहस और लगातार आगे बढ़ने की भावना को भी परखता है।
लद्दाख की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आयोजित यह दौड़ देश के प्रमुख ऊंचाई वाले मैराथन आयोजनों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। हर वर्ष इसमें बड़ी संख्या में धावक और सहनशक्ति दौड़ के उत्साही प्रतिभागी शामिल होते हैं। खारदुंग ला चैलेंज के माध्यम से लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता, पर्वतीय जीवनशैली और साहसिक खेलों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इस वर्ष आयोजन का प्रेरणादायक संदेश ‘सीमाओं से आगे दौड़ें’ रखा गया है, जो धावकों को अपनी क्षमताओं की सीमाओं को चुनौती देने और कठिनाइयों के बावजूद लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करता है।
लद्दाख मैराथन 2026 के अंतर्गत आयोजित सिल्क रूट अल्ट्रा 122 किलोमीटर दौड़ के पुरुष वर्ग में लद्दाख पुलिस के नांग त्सेरिंग ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता का खिताब हासिल किया। सूरज मीणा ने दूसरा और रिगजिन ग्युरमेथ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में तेनजिन डोलमा विजेता रहीं। सूफी सूफिया ने दूसरा तथा अदिति चौधरी ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेताओं के प्रदर्शन ने कठिन पर्वतीय दौड़ में उनकी तैयारी, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया।
13वें खारदुंग ला चैलेंज और लद्दाख मैराथन 2026 में भाग लेने वाले सभी धावकों को लद्दाखवासियों ने हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। स्थानीय लोगों ने प्रतिभागियों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन लद्दाख को खेल, पर्यटन और साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाते हैं। खारदुंग ला चैलेंज ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कठिन पर्वतीय परिस्थितियां भी मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।
लद्दाख मैराथन 2026 का यह आयोजन पर्वतों और मानव जज्बे के अद्भुत मेल का प्रतीक बना। आयोजकों और प्रतिभागियों का संदेश स्पष्ट रहा—‘सीमाओं से आगे दौड़ें।’

