भारत माँ की धरती है — पूजा लोहार (रुंडेरा) की प्रेरणादायक कविता
भारत माँ की धरती है,
जय हिंद की धरती है,
धरती है वीरो के बलिदानों की,
धरती है रंग-बिरंगे आशियानों की।
जहाँ सूरज चूमे हिम की चोटी,
जहाँ हर सुबह लाए नई ज्योति,
यहाँ साँसों में है देश की ख़ुशबू,
हर दिल कहे—मैं हूँ भारती।
जय जय भारत, वंदे मातरम्,
तेरे चरणों में अर्पण जीवन।
धरती ये तेरी, माँ है हमारी,
तेरा नाम है, सबसे प्यारा वतन।
भारत माँ की धरती है,
जय हिंद की धरती है।
जहाँ वासुदेव ने लीला रचाई,
राम लला ने मर्यादा बसाई,
है ये उन वीरो की जननी,
जिन्होंने महायुद्धों में वीरता दिखाई।
धरती है खेत-खलियानों की,
सरहद पर अड़े जवानों की,
हर कण में गाथा है बलिदान की,
हर धड़कन गूंजे हिंदुस्तान की,
जय-जय भारत, वंदे मातरम्,
तेरे चरणों में अर्पण जीवन।
धरती ये तेरी, माँ है हमारी,
तेरा नाम है, सबसे प्यारा वतन।
भारत माँ की धरती है,
जय हिंद की धरती है।
जहाँ गूंजती है सरगम आज़ादी की,
जहाँ बोली जाती भाषा प्यार की,
मिट्टी में महक है बलिदानों की,
हर दीवार कहती है एक नई कहानी।
ये धरती है स्वाभिमान की,
अनेकता में बसी एकता की,
हर रंग यहाँ, हर जात यहाँ,
गाते हैं एक ही गीत यहाँ।
जय-जय भारत, वंदे मातरम्,
तेरे चरणों में अर्पण जीवन।
धरती ये तेरी, माँ है हमारी,
तेरा नाम है, सबसे प्यारा वतन।
भारत माँ की धरती है,
जय हिंद की धरती है।
— पूजा लोहार (रुंडेरा)


2 comments
Good 👍
Very good 💯