पुलिस थाना सलूंबर, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त बड़ी कार्रवाई:
अमेरिका के नागरिकों को लोन दिलाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले मिजोरम के दो और जयपुर के एक युवक को किया गिरफ्तार, तीन लैपटॉप, मोबाइल, हेडफोन व राउटर जब्त
सलूंबर। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव के निर्देशन में थाना सलूंबर, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने देवगांव स्थित होटल भाग्यश्री में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए अमेरिकी नागरिकों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, चार मोबाइल, तीन ब्लूटूथ हेडफोन, चार्जर और जियो राउटर जब्त किया गया है।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनवारीलाल मीणा और पुलिस उप अधीक्षक हेरम्ब जोशी के मार्गदर्शन में थानाधिकारी हेमन्त चौहान के नेतृत्व में की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, 11 नवम्बर 2025 को उपनिरीक्षक रणसिंह मय जाप्ता सर्कल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि देवगांव स्थित होटल भाग्यश्री के कमरा नम्बर 107 में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है, जहां से विदेशों में कॉल कर अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे की तलाशी ली, जहां तीन व्यक्ति लैपटॉप पर काम करते हुए मिले।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम लालरामलूना पुत्र लालहरूहिया (29) निवासी आईजोल, मिजोरम, एच. जोहमनगहिया पुत्र जोहमिन्हलियाना (33) निवासी आईजोल, मिजोरम, और अक्षय शर्मा पुत्र कैलाश शर्मा (22) निवासी झोटवाड़ा, जयपुर बताए।
तीनों ने बताया कि अहमदाबाद निवासी भाविन मकवाना ने उन्हें होटल में ठहराकर वेतन पर यह फर्जी कॉल सेंटर चलाने का कार्य सौंपा था। आरोपी गूगल वॉइस कॉलिंग सिस्टम का उपयोग कर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते और उन्हें सस्ती ब्याज दर पर लोन देने का झांसा देकर उनके बैंक अकाउंट, पासवर्ड व सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी निजी जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद गिरोह का सरगना भाविन मकवाना उन खातों से डॉलर निकालकर रुपये में परिवर्तित कर भारत में ठगी की राशि प्राप्त करता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी शाम के समय, जब अमेरिका में दिन होता था, कॉल करते थे। वे स्वयं को “केशनेट कंपनी” का कर्मचारी बताते और कॉल पर अपने अलग-अलग कोड नेम का उपयोग करते थे। लालरामलूना “जैक”, जोहमनगहिया “डेविड” और अक्षय “केविन” के नाम से कॉल करते थे। अमेरिकी नागरिकों को यह कॉल स्थानीय यूएस नंबर से आती दिखती थी, जिससे उन्हें संदेह नहीं होता था।
पुलिस ने तीनों के कब्जे से तीन लैपटॉप (लिनोवो ब्रांड), चार मोबाइल (आईफोन, रेडमी, वीवो, वनप्लस), तीन ब्लूटूथ हेडफोन, चार्जर और जियो कंपनी का राउटर जब्त किया है।
गिरफ्तार अभियुक्त: लालरामलूना पुत्र लालहरूहिया निवासी आईजोल मिजोरम, एच. जोहमनगहिया पुत्र जोहमिन्हलियाना निवासी आईजोल मिजोरम, अक्षय शर्मा पुत्र कैलाश शर्मा निवासी झोटवाड़ा जयपुर। अन्य अभियुक्त भाविन मकवाना (अहमदाबाद) की तलाश जारी है।
थाना सलूंबर पर प्रकरण संख्या 285/2025 धारा 316(2), 318(4), 319(2), 112(2), 61(2) बीएनएस 2023 व 60सी, 66 आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है।

