एक दिन पूरा विश्व मनाएगा इंटरनेशनल डायमंड डे : हार्दिक हुंडिया
हीरा है सभी के लिए के संदेश के साथ लैब ग्रोन डायमंड को बढ़ावा देने पर जोर,
देश-विदेश में योगदान देने वाली हस्तियों को कोहिनूर ऑफ इंडिया सम्मान
मुंबई। इंटरनेशनल डायमंड डे के संस्थापक हार्दिक हुंडिया ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पूरा विश्व इंटरनेशनल डायमंड डे मनाएगा और हर वर्ग के डायमंड प्रेमी अपनी पसंद और बजट के अनुसार हीरे की ज्वेलरी पहन सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले हीरा आम लोगों की पहुंच से दूर माना जाता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उनका संदेश है कि हीरा है सभी के लिए।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हार्दिक हुंडिया ने कहा कि भारत आज विश्व में हीरा उत्पादन और हीरा कारोबार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। दुनिया के बड़े उद्योगपतियों, राजघरानों और राष्ट्राध्यक्षों की ओर से पहनी जाने वाली रियल डायमंड ज्वेलरी में भारत के रत्न कारीगरों की कला और मेहनत की छाप देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हीरे को लेकर यह धारणा रही कि हीरा केवल खास लोगों की पहुंच में है। अब लैब ग्रोन डायमंड के बढ़ते चलन ने इस धारणा को बदलने का काम किया है। लैब ग्रोन डायमंड देखने में प्राकृतिक हीरे जैसा होता है और इसकी कीमत प्राकृतिक हीरे की तुलना में काफी कम होती है। इससे अधिक लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार हीरे की ज्वेलरी खरीद सकते हैं।
हार्दिक हुंडिया ने बताया कि इंटरनेशनल डायमंड डे मैगजीन के माध्यम से देश और विदेश में भारत का नाम रोशन करने वाली विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्ट व्यक्तित्वों को कोहिनूर ऑफ इंडिया सम्मान प्रदान करने की पहल की गई है।
उन्होंने बताया कि इस सम्मान से हीरा बाजार से जुड़े भरत शाह, अरुण मेहता, पृथ्वीराज कोठारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। सम्मानित व्यक्तित्वों में एपीजे सलिम, लता मंगेशकर, फिल्म निर्माता एवं बिल्डर आनंद पंडित, लोकमत समूह के चेयरमैन विजय दर्डा, वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विन आंखंड, शिरिल श्रॉफ, विष्णु जैन, उज्ज्वल निकम, आसिफ कुरैशी, रिजवान मर्चेंट, दुबई के विजय शाह, आशित मेहता, तारक मेहता के निर्माता आशित मोदी, कवि एवं कलाकार शैलेश लोढ़ा, विश्व हिंदू परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष आनंद शंकर पंड्या और समीर वानखेड़े सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे।
हार्दिक हुंडिया ने कहा कि भारत सरकार की ओर से भी लैब ग्रोन डायमंड को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो देश के हीरा उद्योग के लिए सकारात्मक कदम है। इससे तकनीक, रोजगार और कारोबार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल डायमंड डे का उद्देश्य केवल हीरे के प्रति आकर्षण बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत की हीरा कारीगरी, उद्योग, तकनीक और उससे जुड़े लोगों की मेहनत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इंटरनेशनल डायमंड डे विश्व स्तर पर पहचान बनाएगा और हीरा प्रेमी अपनी पसंद और बजट के अनुसार हीरे की ज्वेलरी पहन सकेंगे।

