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कानोड़ प्रवास में पवन जैन पदमावत भावुक, छात्रावास व नगर व्यवस्था पर नाराज़गी

Reported By : Padmavat Media
Published : December 2, 2025 10:43 AM IST
जवाहर जैन छात्रावास के अपने पुराने निवास कक्ष के सामने खड़े पवन जैन पदमावत — बचपन की स्मृतियों को महसूस करते हुए भावुक हुए।

कानोड़ प्रवास में अपने शिक्षा केन्द्र पहुंचकर पवन जैन पदमावत हुए भावुक, छात्रावास की दुर्दशा व नगर व्यवस्था पर जताई कड़ी नाराज़गी

संवाददाता : दीपक शर्मा


कानोड़/उदयपुर । पदमावत मीडिया के प्रधान संपादक एवं एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत अपने दो दिवसीय कानोड़ प्रवास के दौरान जैसे ही अपने बचपन के शिक्षा केन्द्र
जवाहर जैन छात्रावास पहुँचे, तो वर्षों पुरानी यादें एक बार फिर जीवंत हो उठीं। पहली कक्षा से पाँचवीं कक्षा तक इसी छात्रावास में शिक्षा प्राप्त करने वाले पवन जैन पदमावत अपने पुराने निवास कक्ष, प्रार्थना स्थल, अध्ययन कक्षों और परिसर को देखकर भावुक हो उठे। उनके साथ कानोड़ से पदमावत मीडिया के संवाददाता दीपक शर्मा भी मौजूद रहे।

मुख्य प्रवेश द्वार पर रोक : व्यवस्थापन की असंवेदनशीलता पर आक्रोश

छात्रावास के मुख्य द्वार पर तैनात कर्मचारी जयप्रकाश श्रीमाली ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पवन जैन पदमावत और संवाददाता दीपक शर्मा को रोक दिया। इस पर पवन जैन पदमावत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा यह शिक्षा मंदिर मेरी नींव है। पूर्व विद्यार्थियों को रोकना न सिर्फ गलत है बल्कि संस्थान की गरिमा के विपरीत भी है। साथ ही उन्होंने जयप्रकाश श्रीमाली की कर्तव्यनिष्ठा की भी सराहना की।

छात्रावास का निरीक्षण : धरोहर को पुनः जीवित करने का संकल्प

जवाहर जैन छात्रावास के विशाल परिसर में खड़े पवन जैन पदमावत — धरोहर बने इस संस्थान को पुनः जीवंत करने का संकल्प व्यक्त करते हुए।

पूर्व प्रधानाध्यापक दीपक शर्मा द्वारा करवाए गए भ्रमण के दौरान पवन जैन पदमावत अपने पुराने कमरे, बरामदों और प्रार्थना स्थल को देखकर भावुक हो गए। दीवारों को स्पर्श करते हुए उन्होंने कहा यह संस्थान केवल भवन नहीं, बल्कि संस्कारों और शिक्षा की परंपरा है। इसे फिर से प्रारंभ करने की आवश्यकता है ताकि नई पीढ़ियाँ भी इससे लाभान्वित हो सकें।

छात्र जीवन के छात्रावास व्यवस्थापक कोमल मुर्डिया से मुलाकात

पवन जैन पदमावत अपने छात्र जीवन के व्यवस्थापक कोमल मुर्डिया का उपरणा ओढ़ाकर सम्मान करते हुए।

छात्रावास की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद पवन जैन पदमावत अपने छात्र जीवन के छात्रावास व्यवस्थापक कोमल मुर्डिया से मिलने उनके निवास पर पहुँचे। यहाँ छात्रावास को पुनः आरंभ करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर पवन जैन पदमावत ने उन्हें उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया।

वार्डन जगदीश श्रीमाली से भावनात्मक मुलाकात

पवन जैन पदमावत अपने छात्रावास के वार्डन रहे जगदीश श्रीमाली को उपरणा ओढ़ाकर सम्मान करते हुए।

पवन जैन पदमावत अपने छात्रावास के वार्डन रहे जगदीश श्रीमाली से भी मिलने पहुँचे। उनका स्वास्थ्य देखकर वे भावुक हो गए और उनके चरण स्पर्श कर उपरणा ओढ़ाया। उन्होंने कहा आपका अनुशासन और आपका मार्गदर्शन ही आज मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

संवाददाता दीपक शर्मा को सम्मान

जवाहर जैन छात्रावास मुख्य द्वार पर संवाददाता दीपक शर्मा को उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए पवन जैन पदमावत।

इस अवसर पर पवन जैन पदमावत ने पदमावत मीडिया कानोड़ के संवाददाता दीपक शर्मा को भी उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा संवेदनशील और जनहित के मुद्दों को उजागर करने वाले पत्रकार क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती देते हैं।

नगर की सड़कों की बदहाल स्थिति पर नाराज़गी

कानोड़ नगर की सड़कों का जायजा लेने के बाद पवन जैन पदमावत ने जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और अधूरे विकास कार्य देखकर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कानोड़ की सड़कें लापरवाही का परिचय दे रही हैं। प्रशासन व सरकार को तत्काल सुधरात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि “पहले भी कोर्ट चौराहा से ब्रह्मपुरी मार्ग की खस्ताहालत पर पदमावत मीडिया की खबर के बाद ही सड़क निर्माण शुरू हुआ था।”

प्रवास ने जगाई नई उम्मीद

पवन जैन पदमावत का यह प्रवास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी छात्रावास यात्रा, भावुक क्षण, नगर विकास पर बेबाक टिप्पणी
और संस्थान को पुनः शुरू करने की पहल ने लोगों में नई उम्मीद जगाई है। क्षेत्रवासियों को विश्वास है कि उनकी पहल से छात्रावास फिर से जीवंत होगा और नगर की समस्याओं का समाधान भी तेज़ी से होगा।

यह दो दिवसीय प्रवास सिर्फ स्मृतियों का सफर नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा, जनहित और व्यवस्था के प्रति पवन जैन पदमावत की मजबूत प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।

जवाहर जैन छात्रावास के मुख्य द्वार पर अपने छात्र जीवन के दिनों से सेवाएं दे रहे कर्मचारी जयप्रकाश श्रीमाली के साथ पवन जैन पदमावत।

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