Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान

राजस्थान गिव अप अभियान: 31 दिसंबर के बाद अपात्र परिवारों पर कठोर कार्रवाई, गरीबों का हक सुरक्षित करेगा सरकार का बड़ा निर्णय

Reported By : Padmavat Media
Published : November 28, 2025 1:49 PM IST
Updated : November 28, 2025 1:50 PM IST

सक्षम-संपन्न लोगों को अब नहीं मिलेगा गरीबों के हक का गेहूं, 31 दिसंबर तक गिव अप अभियान में सब्सिडी नहीं छोड़ने वाले अपात्रों से होगी वसूली

जयपुर । राज्य सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों तक खाद्य सुरक्षा के वास्तविक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गिव अप’ अभियान को व्यापक सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के तहत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग लगातार अपात्र एवं संपन्न परिवारों को अपनी खाद्य सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने हेतु प्रेरित कर रहा है, ताकि गरीब परिवारों को उनके हक का अनाज मिल सके। विभागीय मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 48 लाख संपन्न व्यक्तियों ने स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाया है। इन रिक्तियों के कारण प्रदेश में 70 लाख 25 हजार से अधिक वंचित पात्र लोगों को एनएफएसए से जोड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुनः प्रारंभ होने के बाद पात्रता विस्तार का लाभ बड़े पैमाने पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुँच रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर को गिव अप अभियान की अवधि समाप्त होते ही वे सभी परिवार, जो निर्धारित मानदंडों के बावजूद स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा नहीं छोड़ेंगे, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और अनाज की वसूली की जाएगी। सभी जिला रसद अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भेजे गए हैं। विभाग ने उन श्रेणियों को भी अपात्र घोषित किया है जिनमें सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों के नियमित कर्मचारी, एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक पेंशन पाने वाले परिवार, आयकरदाता, तथा कार मालिक परिवार (ट्रैक्टर व एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर) शामिल हैं। इसके साथ ही सालाना 50 हजार रुपये से अधिक बिजली बिल जमा कराने वालों, घर पर एसी उपयोग करने वालों तथा 100 क्विंटल से अधिक फसल एमएसपी पर सरकार को बेचने वाले एनएफएसए लाभार्थियों की पात्रता की भी जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमएसपी पर बिक्री करने वाले व्यक्ति द्वारा मुफ्त अनाज प्राप्त करना नियमों के विरुद्ध है, इसलिए पात्रता परीक्षण को और कठोर बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा योजना को वास्तविक गरीबों तक पहुँचाना और अपात्रों को सूची से बाहर कर पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

Related posts

सलूंबर पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त बड़ी कार्रवाई — अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाला फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, तीन आरोपी गिरफ्तार

Padmavat Media

उदयपुर की जलनिकासी और सफाई व्यवस्था पर पर्यटन विशेषज्ञ यशवर्धन राणावत ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी शरद सक्सेना से की भेंट और चर्चा

Padmavat Media

छत्रर सिंह खारिया बने गौ रक्षा हिन्दू दल के जोधपुर जिला उपाध्यक्ष

Leave a Comment

error: Content is protected !!