सवाई माधोपुर पुलिस का अनूठा ड्रग वॉरियर अभियान, नफरत नहीं प्रेम और अपनत्व से नशामुक्ति का संकल्प
सवाई माधोपुर। नशा केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि धीरे-धीरे पूरे परिवार की खुशियां, स्वास्थ्य और सामाजिक ताना-बाना भी कमजोर कर देता है। इसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए सवाई माधोपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अनूठी सामाजिक पहल ड्रग वॉरियर अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज को साथ लेकर नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना और नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की नशामुक्त राजस्थान की व्यापक मुहिम से जुड़े इस अभियान को पुलिस महानिरीक्षक प्रीति चंद्रा के निर्देशन तथा सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के नेतृत्व में जिले में शुरू किया गया है। अभियान का पहला चरण 7 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक चलेगा।
नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज को बनाया भागीदार
ड्रग वॉरियर अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं माना गया है। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, परिवारों, चिकित्सकों, शिक्षकों और समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक से अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के अनुसार अभियान का संदेश स्पष्ट है कि पहले अपना परिवार, फिर मोहल्ला और उसके बाद गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाए।
नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को अपराधी नहीं, सहयोग की जरूरत
अभियान का सबसे मानवीय पहलू नशे से प्रभावित व्यक्ति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति से नफरत करने के बजाय उसकी समस्या को समझें और उसे परिवार तथा समाज का सहयोग उपलब्ध कराएं। समय रहते समस्या की पहचान कर उपचार और आवश्यक सहायता दिलाने से नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने की संभावना बढ़ सकती है।
महिलाओं और युवाओं की होगी अहम भूमिका
ड्रग वॉरियर अभियान में महिलाओं और युवाओं को बदलाव का महत्वपूर्ण वाहक माना गया है। पुलिस ने नशे की समस्या से जूझ रहे परिवारों से अपील की है कि वे समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते सामने आएं और पुलिस से संपर्क करें, ताकि जरूरतमंद परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
विद्यालय और महाविद्यालय भी बनेंगे नशामुक्त क्षेत्र
अभियान के तहत शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया है। उनसे विद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों को नशामुक्त रखने तथा नशे से प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता के लिए पुलिस तक पहुंचाने की अपील की गई है। चिकित्सकों को भी अभियान से जोड़ते हुए नशामुक्ति के प्रयासों में पुलिस और चिकित्सा क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
गुप्त सूचना से लेकर बीट स्तर तक निगरानी
पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि नागरिक नशे की तस्करी में शामिल लोगों तथा नशे के ठिकानों की गुप्त सूचना पुलिस को दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा दिलाया गया है। नागरिक 5, 10, 15, 20 अथवा 25 लोगों की टोली बनाकर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप अधीक्षक, थानाधिकारी अथवा अपने बीट कांस्टेबल से सीधे संपर्क कर अभियान से जुड़ सकते हैं।
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नशामुक्त बीट बनेगी अभियान की पहचान
अभियान में नशामुक्त बीट की अवधारणा को विशेष रूप से शामिल किया गया है। यदि किसी क्षेत्र के ड्रग वॉरियर यह सूचना देते हैं कि उनके इलाके में नशे की बिक्री नहीं हो रही है, तो बीट कांस्टेबल तथा पुलिस की विशेष टीम मौके पर जाकर इसका सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्र को नशामुक्त बीट का प्रमाण-पत्र दिए जाने की व्यवस्था की गई है। पहली नशामुक्त बीट को विशेष सम्मान दिया जाएगा। सबसे अधिक नशामुक्त बीट तैयार करने वाले थानाधिकारी को भी विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।
संबंधित ड्रग वॉरियर परिवार और बीट कांस्टेबल को भी पुलिस अधीक्षक की ओर से प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को केवल सूचना देने तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना है।
7 अगस्त से 7 सितंबर तक चलेगा पहला चरण
ड्रग वॉरियर अभियान का प्रथम चरण 7 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में नशे के खिलाफ जागरूकता को बीट स्तर तक पहुंचाने और अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। पुलिस द्वारा नशे के कारोबार की सूचना जुटाने, नशे से प्रभावित लोगों की पहचान करने और समाज के विभिन्न वर्गों को अभियान से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
एक परिवार से शुरू होगी बदलाव की बड़ी पहल
सवाई माधोपुर पुलिस के इस अभियान का संदेश है कि बदलाव बाहर से नहीं, अपने घर से शुरू होगा। यदि एक परिवार अपने किसी सदस्य को नशे से बाहर निकालने का संकल्प लेता है तो वह परिवार स्वयं इस अभियान का योद्धा बन सकता है। ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ेगी तो मोहल्ले और फिर गांव भी नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
ड्रग वॉरियर अभियान पुलिस और समाज के बीच सहयोग की नई कड़ी स्थापित करने का प्रयास है। नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ संवेदनशीलता, सहयोग और जागरूकता को जोड़कर सवाई माधोपुर को नशामुक्त बनाने की यह पहल व्यापक सामाजिक अभियान का रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

