उदयपुर में ‘स्वाद और संस्कृति’ ने जगाई राजस्थानी पाक विरासत की नई लौ, आरआरसीएफ द्वारा उत्सव
उदयपुर। रॉयल राजस्थान शेफ सोसाइटी (आरआरसीएफ) द्वारा आयोजित ‘स्वाद और संस्कृति’ कार्यक्रम ने गुलाब बाग स्थित शौर्य रेजिडेंसी में राजस्थान की समृद्ध पाक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान की। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ पारंपरिक श्रीगणेश वंदना के साथ हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा पैनल चर्चा, जिसमें शेफ रूपम सरकार के संचालन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। पैनल में डॉ. श्री कृष्ण जुगनू , डॉ. शोभाराम औदिच्य, डॉ. खुशबू शारदा, पर्यटन विशेषज्ञ एवं होटल एसोसिएशन उदयपुर के उपाध्यक्ष यशवर्धन राणावत, तथा शेफ डॉ. संगीता धर जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया।

अपने विचार प्रस्तुत करते हुए पर्यटन विशेषज्ञ यशवर्धन राणावत ने कहा कि “राजस्थान की पाक कला केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और आतिथ्य परंपरा का जीवंत प्रमाण है। इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए पर्यटन और पाक कला का संगम आवश्यक है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उदयपुर जैसे पर्यटन नगरों में इस प्रकार के आयोजन न केवल पाक कला को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यटन उद्योग में नई संभावनाओं के द्वार भी खोलते हैं। डॉ श्रीकृष्ण जुगनू ने इतिहास के रोचक किस्सों से सभी को मोह लिया। अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचारों से सभी का ज्ञानवर्धन किया ।
इस अवसर पर ‘दही का हलवा’ जैसे पारंपरिक व्यंजन पर विशेष लाइव कुकिंग डेमो आयोजित किया गया, जिसे शेफ प्रेम, पुष्पेंद्र और लव माथुर के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया।
आयोजन में राष्ट्रीय अवार्ड विजेता शेफ एवं विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पाक विशेषज्ञों ने भी शिरकत की। आयोजन में प्रतिष्ठित शेफ विमल धर का परिकल्पनात्मक निर्देशन विशेष उपेखनीय रहा। कार्यक्रम में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से आए 200+ अग्रणी, प्रोफेशनल शेफ, घरेलू महिलायें एवं हॉस्पिटैलिटी विद्यार्थी शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में यशवर्धन राणावत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे आयोजन न केवल स्वाद बल्कि सांस्कृतिक उत्थान और संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक कदम सिद्ध होंगे।”
‘स्वाद और संस्कृति’ कार्यक्रम ने उदयपुर की पाक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने का संकल्प मजबूत किया।

