Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
टॉप न्यूज़फेक न्यूज़ एक्सपोज़

सोशल मीडिया का देश विरोधी ताकतें कर रहीं गलत इस्तेमाल, आतंकवादी घटनाओं से जुड़े होने के मिले सबूत

Reported By : Padmavat Media
Published : June 28, 2021 6:27 PM IST

ट्विटर और फेसबुक का इस्तेमाल किस तरह देश विरोधी ताकतें करती हैं इसका एक चौंका देने वाला मामला कश्मीर में हुआ है. एक आतंकवादी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद एक फर्ज़ी ट्विटर एकाउंट और फेसबुक एकाउंट से एक हिंदू दवा विक्रेता को इस एनकाउंटर का मुखबिर बताया गया.

नई दिल्ली: ट्विटर और फेसबुक का इस्तेमाल किस तरह देश विरोधी ताकतें करती हैं इसका एक चौंका देने वाला मामला कश्मीर में हुआ है. एक आतंकवादी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद एक फर्ज़ी ट्विटर एकाउंट और फेसबुक एकाउंट से एक हिंदू दवा विक्रेता को इस एनकाउंटर का मुखबिर बताया गया. श्रीनगर पुलिस ने इस फर्ज़ी एकाउंट को चलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जो श्रीनगर का ही रहने वाला है.

आतंकवाद के पक्ष में बनाते हैं सहानुभूति की लहर

16 जून को श्रीनगर के पास नौगाम के वगूरा में पुलिस और सीआरपीएफ की कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया जिसकी पहचान शोपियां के उजैर अशरफ डार के रूप में हुई. इसकी मौत के बाद @SanaNazki ट्विटर हैंडल से लगातार ट्वीट किए जाने लगे. इन ट्वीट्स में उसने एक हिंदू दवा दुकानदार के ऊपर आतंकवादी की मुखबरी का इल्ज़ाम लगाया. जल्द ही दूसरे कई ट्विटर हैंडलों से इस ट्वीट को रिट्वीट किया गया. साथ ही उरवा अंद्राबी (Urwa Andrabi) नाम के फेसबुक एकाउंट से भी इसी तरह के पोस्ट डाले गए। कश्मीर में रहने वाले किसी हिंदू के लिए इस तरह के ट्वीट या पोस्ट सीधे-सीधे मौत का फरमान हैं.

समीउल्ला की गिरफ्तारी से खुले कई मामले

पुलिस ने जांच की तो समीउल्ला चालारू नाम का युवक गिरफ्त में आया. ये शख्स बीसीए ग्रेजुएट है और कई फर्ज़ी एकाउंट बनाकर ऐसे ट्वीट करता था जो आतंकवाद का समर्थन करते थे. समीउल्ला की गिरफ्तारी के बाद भी @raiesmirsopore हैंडल से इस गिरफ्तारी को फेक बताते हुए ट्वीट किया गया. कश्मीर में इससे पहले भी कई ऐसे ट्विटर हैंडल मिले हैं जो फर्ज़ी थे और आतंकवाद को महिमामंडित करते थे.

आतंकवाद का महिमामंडन

खुफिया एजेंसियों ने कश्मीर से धारा 370 के खात्मे का बाद ऐसे ट्विटर हैंडल और फेसबुक एकाउंट्स की लंबी सूची तैयार की थी जिनमें से कई पाकिस्तान से संचालित होते थे. इस तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आतंकवादियों को हीरो बताते थे और युवाओं को आतकंवाद के रास्ते पर चलने के लिए उकसाते थे. सुरक्षा बलों के लिए ये एक नए तरह की चुनौती है जो बिना हथियार उठाए आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है.

Related posts

दिल्ली के अलीपुर में दीवार गिरी, 5 की मौत, मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका

Padmavat Media

जनजाति क्षेत्र में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देगी सखियों की बाड़ी परियोजना

Padmavat Media

फाईट अगेंस्ट क्रिमिनल अखबार के संपादक और भारतीय पत्रकार संघ महाराष्ट्र अध्यक्ष मोहम्मद सईद शेख को दादा साहेब फालके आईकोन अवार्ड फिल्म में महाराष्ट्र राज्य सिनियर कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया।

Padmavat Media

Leave a Comment

error: Content is protected !!