सीबीआई का वैश्विक शिकंजा: रेड नोटिस जारी भगोड़ा अनिल कुमार रेड्डी येड्डुला यूएई से प्रत्यर्पित
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए रेड नोटिस जारी वांछित आरोपी अनिल कुमार रेड्डी येड्डुला को संयुक्त अरब अमीरात से भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर प्रकरणों में वांछित यह आरोपी अब कानून के शिकंजे में है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई ने विदेश मंत्रालय तथा अबू धाबी स्थित राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के साथ समन्वय स्थापित कर 26 फरवरी 2026 को प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूर्ण की। दुबई पुलिस की सुरक्षा में आरोपी को हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां उसे आंध्र प्रदेश पुलिस के दल को विधिवत सुपुर्द किया गया।
आरोपी के विरुद्ध आंध्र प्रदेश में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर 5 सितंबर 2022 को अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन के माध्यम से उसके विरुद्ध रेड नोटिस जारी कराया गया था। इसके पश्चात संयुक्त अरब अमीरात की प्राधिकृत एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पण का निर्णय लिया।
क्या है रेड नोटिस? रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी वह सूचना है, जिसके माध्यम से विश्वभर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित अपराधियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए सतर्क किया जाता है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दिया है कि गंभीर आर्थिक और आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों के लिए विदेशों में शरण लेना अब सुरक्षित विकल्प नहीं रहा।
भारत में अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कार्य करता है तथा ‘भारतपोल’ तंत्र के माध्यम से देश की विभिन्न जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करता है। पिछले कुछ वर्षों में इसी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से 130 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत लाया जा चुका है।
सीबीआई की इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों के विरुद्ध सख्त नीति और वैश्विक समन्वय की प्रभावी मिसाल माना जा रहा है।

