शिवाजी पार्क छात्र आंदोलन: छात्राओं से कथित अभद्रता पर पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर की मांग
कार्रवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की चेतावनी
मुंबई। शिवाजी पार्क में आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान महिला छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और विनयभंग के आरोपों को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुंबई उच्च न्यायालय की अधिवक्ता, समाजसेविका एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट शोभा बुद्धिवंत ने आरोपित पुलिस सिपाही दीपक बल्लाल के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।
एडवोकेट शोभा बुद्धिवंत ने कहा कि आंदोलन के दौरान कार्रवाई के नाम पर महिला छात्राओं के साथ कथित रूप से अशोभनीय स्पर्श और अनुचित व्यवहार किया गया, जो अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो अधिवक्ता नितीन सातपुते के माध्यम से मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को नशीले पदार्थों के मामलों में झूठा फंसाने की धमकी भी देते हैं। यदि ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत भी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित पुलिसकर्मी के पास कथित रूप से नशीले पदार्थ कहां से आते हैं।
एडवोकेट शोभा बुद्धिवंत ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करता है तो उच्च न्यायालय से न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित याचिका के माध्यम से पूरे घटनाक्रम एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।
अधिवक्ता नितीन सातपुते ने भी कहा कि मामले में कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

