मुंबई। गोविंदा महाराष्ट्र की संस्कृति और मुंबई की पहचान हैं। प्रो गोविंदा के माध्यम से यह खेल पूरे देश के साथ दुनिया तक पहुंचा है। गोविंदा के इस साहसिक खेल को अखिल भारतीय स्तर पर मान्यता दिलाकर एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और आगे ओलंपिक तक ले जाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही।
वरली स्थित एसवीपी स्टेडियम में प्रो गोविंदा लीग 2026 सीजन-4 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोल रहे थे। इस अवसर पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, मुंबई महानगरपालिका की महापौर रितू तावडे, विधायक रणजीत पाटील, लीग के अध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक तथा शायना एन. सी. सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

दहीहंडी को आधुनिक खेल प्रतियोगिता का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे दहीहंडी उत्सव को आधुनिक और व्यावसायिक खेल प्रतियोगिता का स्वरूप देने के उद्देश्य से प्रो गोविंदा लीग शुरू की गई है। यह देश में मानव मीनार बनाने वाले खेल की पहली व्यावसायिक लीग के रूप में पहचान बना रही है।
दहीहंडी से एकता और सामाजिक समरसता का संदेश
उन्होंने कहा कि दहीहंडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला आयोजन है। गोविंदाओं द्वारा एक-दूसरे का सहारा लेकर मानव श्रृंखला बनाकर हंडी फोड़ने की परंपरा एकता की शक्ति को दर्शाती है। भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण समाज एक है के संदेश को भी यह खेल आगे बढ़ाता है। एकजुट होकर किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है और बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
एशियाई खेलों से ओलंपिक तक ले जाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खेल को अखिल भारतीय स्तर पर ओलंपिक संघ तथा संबंधित खेल संगठनों से मान्यता दिलाने के बाद एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और अंततः ओलंपिक तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने सभी गोविंदा पथकों और उनके प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
गोविंदाओं को बीमा सुविधा, 1 लाख 60 हजार तक बढ़ेगी संख्या
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य सरकार ने दहीहंडी यानी प्रो गोविंदा खेल को साहसिक खेल का दर्जा दिया है। सरकार वर्ष 2023 से गोविंदाओं को बीमा सुविधा भी दे रही है। इस वर्ष बीमा सुविधा का लाभ पाने वाले गोविंदाओं की संख्या बढ़ाकर 1 लाख 60 हजार करने का निर्णय लिया गया है।
16 टीमों के 3,200 गोविंदा ले रहे हिस्सा
प्रो गोविंदा लीग के इस आयोजन में 16 टीमों के 3,200 गोविंदा हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी।

