झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धियां: नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, साइबर अपराध और संगठित अपराध पर भी कसा शिकंजा
रांची । झारखंड पुलिस ने वर्ष 2026 में नक्सलवाद, अपराध, साइबर अपराध, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जनवरी से जुलाई 2026 तक की कार्रवाई के साथ 15 अगस्त तक के नक्सल अभियान के आंकड़ों के अनुसार पुलिस ने नक्सलियों की गिरफ्तारी, आत्मसमर्पण और मुठभेड़ के साथ बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, विस्फोटक और लेवी की राशि बरामद की है। वहीं साइबर अपराध के मामलों में गिरफ्तारियों के साथ करोड़ों रुपये की संदिग्ध राशि को फ्रीज कर पीड़ितों को राशि वापस दिलाने की कार्रवाई भी की गई है।
नक्सल अभियान के तहत जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक झारखंड में कुल 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें माओवादी के 49, पीएलएफआई के 30, टीएसपीसी के 23, जेजेएमपी के 10 और एसजेएमएम के एक नक्सली शामिल हैं। गिरफ्तार प्रमुख नक्सलियों में एक करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा, 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो, 15-15 लाख रुपये के इनामी रविंद्र गंझू, मेहनत उर्फ मोछू तथा मदन महतो उर्फ शंकर महतो और अन्य इनामी नक्सली शामिल हैं।
इसी अवधि में 50 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें माओवादी के 46, पीएलएफआई का एक और जेजेएमपी के तीन नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये के इनामी संतोष उर्फ बासुदेव, 10 लाख रुपये के इनामी चंदन लोहरा तथा पांच-पांच लाख रुपये के इनामी सुरेंद्र लोहरा, सागेन अंगरिया और गुलशन शामिल हैं। इनमें 43 नक्सलियों ने 28 हथियार और 4549 गोलियों के साथ झारखंड पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया। झारखंड पुलिस के अभियानों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आठ, पश्चिम बंगाल में दो और तेलंगाना में दो नक्सलियों के आत्मसमर्पण की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस-उग्रवादी मुठभेड़ों में जनवरी से 15 अगस्त तक 22 माओवादी नक्सली मारे गए। इनमें एक करोड़ रुपये के इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख रुपये के इनामी अनमोल उर्फ सुशांत, 15 लाख रुपये के इनामी अमित मुंडा और सहदेव महतो उर्फ अनुज तथा 10 लाख रुपये के इनामी रंजित गंझू शामिल थे। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 111 हथियार, 9904 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक और छह लाख रुपये की लेवी की राशि बरामद की गई। इसके अलावा नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी बरामद कर नष्ट किए गए।
लगातार चलाए गए अभियानों के परिणामस्वरूप बूढ़ा पहाड़, सारंडा, टोंटो, गोइलकेरा, पोड़ाहाट, कोलेश्वरी, पारसनाथ, लुगु पहाड़, झुमरा पहाड़, चैनपुर-बिशुनपुर, सरयू-गारू-महुआडांड़ सहित कई क्षेत्रों को नक्सल गतिविधियों से मुक्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
साइबर अपराध पर भी व्यापक कार्रवाई
साइबर अपराध के खिलाफ भी झारखंड पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध से जुड़े 658 मामले दर्ज किए गए और 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 17 लाख 78 हजार 750 रुपये नकद, 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल फोन, 74 एटीएम कार्ड, 21 दोपहिया वाहन, पांच चारपहिया वाहन, आठ लैपटॉप, 57 बैंक पासबुक, 19 चेकबुक और दो स्वाइप मशीन बरामद की गईं।
प्रतिबिम्ब ऐप से जुड़े मामलों में जनवरी से जुलाई तक 121 मामले दर्ज कर 336 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 545 मोबाइल फोन और 655 सिम कार्ड बरामद किए। वहीं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के तहत डायल-1930 पर प्राप्त 77,503 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 150 करोड़ रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए और 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इसके अलावा 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए। साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, दुमका, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां में आठ नए साइबर थानों का सृजन किया गया है।
संगठित अपराध और नशा तस्करी पर शिकंजा
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में जनवरी से जुलाई तक 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद की गईं, जबकि 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई।
मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में जनवरी से जून तक 435 मामले दर्ज किए गए और 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 3461 किलोग्राम गांजा, 151 किलोग्राम अफीम, 3.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर और 10,218 किलोग्राम डोडा बरामद किया। बरामद मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य करीब 41 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके अलावा फसलीय वर्ष 2025-26 में करीब 4620 एकड़ भूमि पर लगी अफीम की फसल नष्ट की गई। नशे के खिलाफ जनजागरूकता के लिए 17 से 26 जून तक नशामुक्त सप्ताह भी चलाया गया।
पॉक्सो और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत जनवरी से जून तक 653 मामले दर्ज हुए, जिनमें 298 मामलों का निष्पादन करते हुए 542 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मानव तस्करी के मामलों में जनवरी से जुलाई तक 50 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी तथा 140 से अधिक पीड़ितों की बरामदगी की गई।
कानून व्यवस्था और पुलिस आधुनिकीकरण
कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीए के तहत 46 अपराधियों को निरुद्ध किया गया, 47 अपराधियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई तथा नौ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए। वहीं सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से जनवरी से जुलाई तक 4053 बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए।
पुलिस की विशेष कार्रवाई के तहत जनवरी से जुलाई तक 14,083 विशेष प्रतिवेदित मामले दर्ज हुए, जबकि 15,286 मामलों का निष्पादन किया गया। इस दौरान 482 हथियार और 8663 गोलियां बरामद की गईं।
पुलिस कल्याण और प्रशिक्षण पर भी जोर
पुलिस कल्याण के क्षेत्र में भी कई कदम उठाए गए। झारखंड पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 1007 लाभार्थियों को करीब 3.69 करोड़ रुपये, झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9443 लाभार्थियों को 11.46 करोड़ रुपये तथा झारखंड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 737 आश्रितों की सहायता के लिए करीब 3.93 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। पुलिसकर्मियों के 237 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई। वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिसकर्मियों को पारी से बाहर पदोन्नति दी गई।
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत राज्य के 12 जिलों में संयुक्त पुलिस थाना परिसरों का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं पांच जिलों में सीआई एवं एसडीपीओ कार्यालय सह आवास का निर्माण कार्य जारी है। 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया था, जिसके तहत झारखंड पुलिस को 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 627 चारपहिया और 848 दोपहिया वाहनों की खरीद के आदेश भी जारी किए गए हैं।
प्रशिक्षण के क्षेत्र में जनवरी से जुलाई तक राज्य के भीतर 28 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 4794 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। राज्य के बाहर 68 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 222 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इनमें ड्रोन तकनीक, सीमा पार आतंकवाद और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण शामिल रहा।
चर्चित मामलों का भी सफलतापूर्वक उद्भेदन
झारखंड पुलिस ने कई चर्चित मामलों का भी सफलतापूर्वक उद्भेदन किया। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से अपहृत दो नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र से अपहृत कैरव गांधी को बरामद कर 11 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। लोहरदगा में 433 किलोग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हजारीबाग में नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
रामगढ़ में शिवशंकर ज्वेलर्स डकैती मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए आभूषणों के साथ हथियार और गोलियां बरामद की गईं। हजारीबाग के बरही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूट मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साहेबगंज में अवैध रूप से संचालित गन फैक्ट्री का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गोड्डा में डकैती और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की। धनबाद में प्रिंस खान गिरोह से जुड़े अंतरराष्ट्रीय भगोड़े मोहम्मद सैफी को गिरफ्तार किया गया।
16 अगस्त को चतरा पुलिस ने टीएसपीसी के एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोछू को गिरफ्तार किया। 17 अगस्त को गुमला पुलिस ने पांच लाख रुपये के इनामी जेजेएमपी के सब-जोनल सदस्य रामदेव लोहरा को तीन अन्य नक्सलियों के साथ गिरफ्तार किया। उनके पास से एके-56, एसएलआर, सेमी ऑटोमेटिक राइफल, नियमित पिस्टल, देशी कट्टा और 146 कारतूस सहित अन्य सामग्री बरामद की गई।
अंतरराज्यीय समन्वय से अपराध नियंत्रण की कवायद
अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण के लिए झारखंड पुलिस सीमावर्ती राज्यों के साथ लगातार समन्वय कर रही है। भुवनेश्वर में 18 मई को तथा रांची पुलिस मुख्यालय में 21 जुलाई को अंतरराज्यीय समन्वय बैठकों में नक्सल उन्मूलन, अंतरराज्यीय अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, रेलवे सुरक्षा और जीरो एफआईआर व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सीमावर्ती जिलों में इंटर-स्टेट चेक पोस्ट और मिरर चेक पोस्ट भी स्थापित किए गए हैं।

