गींगला थाना पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी चोरी, घर में घुसे दो शातिर चोर गिरफ्तार
रात तीन बजे मकान में घुसे आरोपी, ग्रामीणों की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वारदात नाकाम
सलूम्बर। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गींगला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की बड़ी वारदात को विफल कर दिया। रात के अंधेरे में एक मकान में घुसकर चोरी का प्रयास करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से घर में रखे कीमती सामान की चोरी होने से पहले ही वारदात नाकाम हो गई।
पुलिस अधीक्षक विश्नाराम बिश्नोई के निर्देशन में जिलेभर में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला एवं वृत्ताधिकारी हेरम्ब जोशी के सुपरविजन में गींगला थानाधिकारी धर्मेंद्रसिंह वाघेला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार सामतियोत निवासी महावीर पुत्र भेराजी मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 जून 2026 की रात वह अपने परिवार के साथ मकान की छत पर सो रहा था। रात करीब तीन बजे नीचे से संदिग्ध आवाजें सुनाई देने पर जब वह घर के अंदर पहुंचा तो देखा कि दो युवक ताला तोड़कर मकान में घुस चुके थे तथा पेटियों के ताले तोड़कर चोरी करने का प्रयास कर रहे थे।
मकान मालिक द्वारा शोर मचाने पर दोनों आरोपी मौके से भागने लगे। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और आरोपियों का पीछा किया। पीछा करने के दौरान एक आरोपी गिर गया, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नाथू पुत्र देवा मीणा निवासी दौलपुरा बताया। आरोपी ने अपने साथी का नाम नाया पुत्र हरजा मीणा निवासी दौलपुरा बताया तथा दोनों द्वारा चोरी की नीयत से घर में घुसना स्वीकार किया।
सूचना मिलने पर गींगला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लिया। बाद में पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यदि समय रहते परिवार की नींद नहीं खुलती और ग्रामीण सक्रियता नहीं दिखाते तो आरोपी घर में रखे कीमती सामान को चोरी कर ले जाते।
पुलिस ने नाथू पुत्र देवा मीणा एवं नाया पुत्र हरजा मीणा निवासी दौलपुरा, थाना गींगला, जिला सलूम्बर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है तथा आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी धर्मेंद्रसिंह वाघेला, सहायक उप निरीक्षक संतकुमार, हेड कांस्टेबल मोतीलाल, हेड कांस्टेबल महेंद्रसिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार एवं कांस्टेबल धर्मेंद्रसिंह शामिल रहे।

