प्रवासी राजस्थानियों के निवेश को धरातल पर उतारने में सरकार देगी हरसंभव सहयोग : मुख्यमंत्री
बेंगलुरु/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश की संस्कृति, परंपरा, उद्यमशीलता और सामाजिक मूल्यों के प्रतिनिधि हैं। वे अपनी मेहनत, ईमानदारी और समाजसेवा से नई पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से अपने अनुभव, वैश्विक नेटवर्क और विशेषज्ञता के माध्यम से राजस्थान की विकास यात्रा को नई गति देने में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रविवार को बेंगलुरु में राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के अध्यक्षों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान संभावनाओं की भूमि है। प्रवासी राजस्थानी नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, स्टार्टअप, कृषि, जल संरक्षण और सामाजिक विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में योगदान देकर प्रदेश को आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्रवासियों से जुड़े निवेश के सभी पहलुओं में हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लियरेंस के माध्यम से निवेश प्रस्तावों पर प्राथमिकता के साथ आवश्यक कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में निवेशकों के लिए भूमि, सड़क एवं रेल नेटवर्क, लॉजिस्टिक ढांचा, ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन एवं बैटरी निर्माण, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग एवं मिनरल आधारित उद्योग, फूड प्रोसेसिंग, आईटी तथा स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 35 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू हुए थे, जिनमें से अब तक लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
पर्यटन और विरासत संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को गति देने के लिए नई राजस्थान पर्यटन नीति लागू की गई है। शेखावाटी क्षेत्र की भव्य हवेलियां और भित्ति चित्र राजस्थान की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण के लिए शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना शुरू की गई है। इसके तहत सीकर, झुंझुनूं और चूरू की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को चिन्हित किया गया है।
‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान में प्रवासियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत करीब 45 हजार रिचार्ज एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रवासियों के सहयोग से अब तक 20 हजार से अधिक भूजल रिचार्ज एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से इस अभियान में और अधिक सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों का प्रदेश से गहरा नाता है और वे राजस्थान की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण सहभागी बन सकते हैं। उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स से सक्रिय मंच के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न चैप्टर्स के अध्यक्ष एवं प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।

