राजौरी में सड़क सुरक्षा पर संगोष्ठी, 600 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
राजौरी। यातायात पुलिस ग्रामीण जम्मू और राजौरी के राजकीय मॉडल बाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘आवागमन का अधिकार यातायात नियमों के पालन की जिम्मेदारी के साथ आता है’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में 600 विद्यार्थियों और 60 शिक्षकों ने भाग लिया।
यह आयोजन दोपहिया वाहनों से जुड़े यातायात उल्लंघनों के खिलाफ चल रहे दो सप्ताह के जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान का हिस्सा था। पुलिस उपाधीक्षक यातायात राजौरी-पुंछ एजाज अहमद ने अभियान के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य विद्यार्थियों और आमजन में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जिम्मेदार सड़क व्यवहार को प्रोत्साहित करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए सड़क दुर्घटनाओं की मौजूदा स्थिति और उनके प्रमुख कारणों पर चर्चा की। उन्होंने यातायात नियमों के पालन, जिम्मेदार वाहन संचालन और युवाओं में नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय दुर्घटना आंकड़ों पर आधारित प्रस्तुतीकरण भी दिया।
प्रस्तुतीकरण के अनुसार जनवरी से जुलाई 2026 के बीच राजौरी, पुंछ, सांबा और कठुआ जिलों में कुल 699 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 88 लोगों की मौत हुई और 1,001 लोग घायल हुए। कुल दुर्घटनाओं में 309 यानी करीब 44 प्रतिशत मामलों में दोपहिया वाहन शामिल थे। मृतकों में 39 ऐसे लोग थे जो दोपहिया वाहन चला रहे थे या सवार थे। दुर्घटना पीड़ितों में 27 प्रतिशत की आयु 25 वर्ष से कम थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वे राजकीय मॉडल बाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजौरी के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने विद्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यातायात ग्रामीण जम्मू के रूप में लौटने को गर्व का विषय बताते हुए विद्यार्थियों से अनुशासन और जिम्मेदारी के मूल्यों को अपनाने तथा अपने परिवार और समुदाय में सड़क सुरक्षा के दूत बनने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन वरिष्ठ व्याख्याता उमा गुप्ता, वरिष्ठ व्याख्याता सुभाष शर्मा और शारीरिक शिक्षा व्याख्याता अमीर चौधरी की निर्णायक समिति ने किया। मुनीर जबर ने प्रथम, मोहम्मद ओवैस ने द्वितीय और सोहेल मुर्तजा ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य और निर्णायक मंडल के सदस्यों को भी सहयोग के लिए स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के साथ विभिन्न स्थानों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क परामर्श सत्र भी आयोजित किए गए। इस दौरान बिना चालान की कार्रवाई किए दोपहिया वाहन चालकों को रोककर निर्धारित स्थान पर बैठाया गया और यातायात पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय दुर्घटना आंकड़ों के संदर्भ में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। लोगों ने चालान की कार्रवाई के बजाय जागरूकता पर केंद्रित इस पहल की सराहना की।
संगोष्ठी और सड़क परामर्श सत्रों के सफल आयोजन से यातायात पुलिस ग्रामीण जम्मू की सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने, नागरिक जिम्मेदारी विकसित करने और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता सामने आई।

