“स्वतंत्रता दिवस” — मीनाक्षी राजपुरोहित (मीनू) की प्रेरक कविता
स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों की शहादत और मातृभूमि की भक्ति को समर्पित कविता — मीनाक्षी राजपुरोहित (मीनू)।
“स्वतंत्रता दिवस”
शहीदों की शहादत को,
आज लिखते हैं शब्दों में,
अमर है वो वीर जो आए हैं कफन तिरंगों में।
अरे! यह जो कफन तिरंगा है,
मिलता नहीं इस जहाँ में,
हर किसी विरले को।
दिवस है आज जश्न-ऐ-आज़ादी का,
देश की भक्ति का, देश की शक्ति का,
मातृभूमि के वंदन का।
दिशाहीन जो भटक रहे हैं,
उनको भी हम वतन शहिदों की याद दिला देते हैं।
आज हम फिर से जश्न आज़ादी का मना लेते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर तो झांकी है,
दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने के लिए देश की बेटियां ही काफी हैं।
विश्व गुरु है भारत मेरा जल, थल, नभ का भी है पहरा।
ये विजय विश्व तिरंगा मेरा,
चांद पर लहराए जा,
मां भारती के गीत गाए जा।
— मीनाक्षी राजपुरोहित “मीनू”


1 comment
Thku so much