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अपने जीवन को स्वर्णिम बनाने के लिए नशा मुक्त रहने का संकल्प लें युवा : राजपुरोहित 

Reported By : Padmavat Media
Published : June 26, 2022 10:05 PM IST

सिवाना  -विप्र सेना युवा प्रकोष्ठ विधानसभा अध्यक्ष कैलाश सिंह राजपुरोहित ने विश्व नशा मुक्ति दिवस पर सभी युवाओं को संदेश दिया। राजपुरोहित ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने और अपने जीवन को स्वर्णिम बनाने के लिए नशा मुक्त जीवन यापन करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 दिसम्बर 1987 को प्रस्ताव पारित कर हर वर्ष 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा व मादक पदार्थ निषेध दिवस’ मानाने का निर्णय लिया था। इस तिथि पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाता है। वहीं नशे के लती लोगों के उपचार की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण कार्य करने की योजना निर्धारित की जाती है। इस अवसर पर मादक पदार्थों से मुकाबले के लिए विभिन्न देशों द्वारा उठाए गए क़दमों तथा इस मार्ग में उत्पन्न चुनौतियों और उनके निवारण का उल्लेख किया जाता है। कैलाश सिंह राजपुरोहित ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 25 करोड़ से अधिक लोग सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा, पान मसाला किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। पूरे विश्व में धूम्रपान करने वाले लोगों की 12 प्रतिशत आबादी भारत में है, तंबाकू से संबंधित बीमारियों से लगभग 5 लाख लोग प्रतिवर्ष मारे जाते हैं। जिनमें करीब डेढ़ लाख महिलाएं हैं। भारत पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर है, जहां सबसे अधिक धूम्रपान किया जाता है। हर दिन लगभग 2500 लोगों की धुम्रपान से मौत होती है। एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते हैं।तंबाकू को लगातार सेवन करने से मुंह के अंदर की म्यूकोसा गलने लगती है। प्राथमिक अवस्था में रोगी को तीखा खाने में दिक्कत होने लगती है। धीरे धीरे मुंह के अंदर सफेद निशान बनने लग जाते हैं। मुंह धीरे-धीरे कम खुलने लग जाता है और रोगी को खाना खाने में बहुत दिक्कत होती है। तंबाकू से बने उत्पादों के द्वारा धूम्रपान करने से कैंसर, हृदय रोग, डायबीटीज होने की संभावना रहती है। राजपुरोहित ने कहा कि नशा के इस भयानक प्रकोप से बचने और इसे छोड़ने के लिए सभी युवाओं को प्रबल इच्छा शक्ति रखनी होगी। सभी माता-पिता और अभिभावकों को भी अपने बच्चों को नशा की लत से दूर रखने के लिए संकल्पित होना चाहिए।

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