कालागुमान से निकली ठाकुरजी की भव्य बारात, माणकियावास में वैदिक विधि से सम्पन्न हुआ दिव्य तुलसी विवाह
राजसमंद। ग्राम पंचायत कालागुमान में धार्मिक आस्था, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान ठाकुरजी की भव्य बारात निकालकर ग्राम माणकियावास में तुलसी विवाह का पावन आयोजन सम्पन्न किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्तिभाव देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत कालागुमान स्थित ठाकुरजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं श्रृंगार के साथ हुई। भगवान ठाकुरजी को आकर्षक वस्त्राभूषणों से अलंकृत कर सुसज्जित पालकी में विराजमान किया गया। इसके पश्चात पूजारी डॉ. भगवान दास वैष्णव एवं ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से भगवान ठाकुरजी को पालकी में विराजमान कर माणकियावास के लिए रवाना किया। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ निकली शोभायात्रा में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया गया। महिलाओं ने मंगलगीत गाए और युवाओं ने भक्ति नृत्य कर आयोजन को जीवंत बना दिया। वातावरण पूरी तरह धर्ममय और उल्लासपूर्ण बना रहा।
माणकियावास पहुंचने पर शंभू सिंह के निवास पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तुलसी विवाह की विधि सम्पन्न कराई गई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान ठाकुरजी और तुलसी माता का पावन विवाह कराया गया। श्रद्धालुओं ने आरती कर परिवार, गांव और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
ग्रामीणों ने बताया कि तुलसी विवाह सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो भगवान विष्णु स्वरूप ठाकुरजी और तुलसी माता के दिव्य मिलन का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से धार्मिक परंपराओं का संरक्षण होता है और सामाजिक एकता को भी बल मिलता है।

