थाईलैंड से भारत लाया गया साइबर ठगी का वांछित आरोपी, सीबीआई की बड़ी सफलता
ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से निर्वासित कर भारत लाया गया
मुंबई। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास के समन्वय से साइबर ठगी के मामले में वांछित आरोपी गणेश बालासो काले को थाईलैंड से भारत वापस लाने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को 10 जून 2026 को थाईलैंड से निर्वासित कर भारत लाया गया।
सीबीआई के अनुसार गणेश बालासो काले साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपी ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देकर लोगों को निवेश के नाम पर रकम जमा करवाता था और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी करता था। जांच में सामने आया कि वह कई लोगों को बैंक खातों के उपयोग के बदले कमीशन और ब्याज का लालच देकर अवैध धनराशि के लेन-देन में शामिल करता था तथा उन्हीं खातों के माध्यम से अनेक निर्दोष लोगों से ठगी की जाती थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी अपने सहयोगियों को मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश भी देता था, जिनका उपयोग साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जाता था।
आरोपी के विरुद्ध इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसकी लोकेशन थाईलैंड में चिन्हित की गई। थाई अधिकारियों ने 24 मई 2026 को बैंकॉक में उसे हिरासत में लिया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तथा भारतीय एवं थाई अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद आरोपी को सफलतापूर्वक भारत निर्वासित किया गया।
सीबीआई ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस मई 2026 में जारी हुई थी और नोटिस जारी होने के लगभग 20 दिनों के भीतर ही उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर भारत वापस लाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के प्रभावी समन्वय का उदाहरण है।
आरोपी 11 जून 2026 को मुंबई पहुंचा, जहां महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
सीबीआई ने बताया कि भारत में इंटरपोल के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में वह भारतपोल (BHARATPOL) के माध्यम से विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की कार्रवाई करती है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से 160 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है।

