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सन्मति धाम में पवन जैन पदमावत का निरीक्षण—धर्म, शिक्षा और सेवा के संगम को बताया प्रेरणादायी

Reported By : Padmavat Media
Published : December 4, 2025 12:38 PM IST

विशेष रिपोर्ट • पदमावत मीडिया

भींडर प्रवास में पवन जैन पदमावत ने किया सन्मति धाम का निरीक्षण, निःशुल्क शिक्षा की पहल की सराहना

आदिब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन द्वारा संचालित शिक्षा–धर्म–सेवा के कार्यों को बताया समाज के लिए प्रेरणास्रोत

संवाददाता : दीपक शर्मा, कानोड़

भींडर/उदयपुर । पदमावत मीडिया के प्रधान संपादक एवं एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी के मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत अपने एक दिवसीय भींडर प्रवास के दौरान भींडर–पाणुंद रोड स्थित शिकारवाड़ी–वीरवालियों का खेड़ा के मध्य बने सन्मति धाम पहुँचे। यहाँ उन्होंने आदिब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन द्वारा संचालित धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया।

धाम पहुँचने पर फाउंडेशन के निर्देशक अनिल स्वर्णकार ने उनका स्वागत किया और सन्मति धाम की स्थापना, उद्देश्य और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा बच्चों को पाठ्य पुस्तकें, कॉपियाँ, बैग, यूनिफॉर्म, शूज–मोजे, स्वेटर और टिफिन बॉक्स सहित शैक्षिक सामग्री पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक जीवन बदलने वाली पहल है।

सन्मति धाम परिसर में स्थित तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर महाराज का भव्य गुरु मंदिर भीसपवन जैन पदमावत ने देखा। यह सम्पूर्ण केंद्र आचार्य सुनील सागर जी गुरुदेव की प्रेरणा से विकसित हुआ है, जहाँ धर्म, शिक्षा और सेवा का अनूठा संगम दिखाई देता है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं, अध्ययन स्थलों और बच्चों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं को करीब से देखा। पवन जैन पदमावत ने कहा कि आज के समय में शिक्षा बड़ी चुनौती बन चुकी है, ऐसे में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। सन्मति धाम ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बनकर उभर रहा है।

प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात इंद्र वैष्णव से भी हुई, जो सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। दोनों के बीच सरकारी स्कूलों की स्थिति, बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों और ग्रामीण शिक्षा की चुनौतियों पर
विस्तृत चर्चा हुई।

पवन जैन पदमावत ने कहा शिक्षा और संस्कार समाज निर्माण की रीढ़ हैं। यदि सरकारी स्कूल, निजी संस्थान और समाजसेवी संगठन एक साथ कार्य करें तो ग्रामीण शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।

प्रवास के अंत में उन्होंने सन्मति धाम के सेवाभावी कार्यों की सराहना करते हुए समाजसेवी संगठनों और क्षेत्रवासियों से इस पुनीत कार्य में सहयोग का आग्रह किया। एक दिवसीय भींडर प्रवास का यह कार्यक्रम धर्म, शिक्षा और सामाजिक सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण सिद्ध हुआ।

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