Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
टॉप न्यूज़नई दिल्लीराज्य

दिल्ली में दाखिल होने के लिए ज़रूरत पड़ी तो रूसी ट्रैक्टर का इस्तेमाल करेंगेः राकेश टिकैत

Reported By : Padmavat Media
Published : June 26, 2021 8:09 PM IST

दिल्ली में दाखिल होने के लिए ज़रूरत पड़ी तो रूसी ट्रैक्टर का इस्तेमाल करेंगेः राकेश टिकैत

राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की सीमा दाखिल होने के लिए ज़रूरत पड़ने पर वे रूस निर्मित ट्रैक्टर का इस्तेमाल करेंगे.

केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों और मोदी सरकार के बीच चल रही खींचतान के बीच राकेश टिकैत के इस बयान को चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि रूस में बने ट्रैक्टर्स बेहद शक्तिशाली होते हैं और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को कुचल कर रख देते हैं.

राकेश टिकैत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “ये एक तरह का ऑटोमैटिक ट्रैक्टर होता है. जब इसे गियर में डाला जाता है तो ये रुकेगा नहीं और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को कुचल कर रख देगा. अगर ज़रूरत पड़ी तो इन ट्रैक्टरों का इस्तेमाल दिल्ली में दाखिल होने के लिए किया जाएगा. हम फिलहाल अपने ट्रैक्टर लेकर कहीं नहीं जा रहे हैं लेकिन हमारे पास ऐसे कई ट्रैक्टर हैं.”

राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत दिल्ली-उत्तर प्रदेश बोर्डर पर प्रदर्शन स्थल के पास किसानों की ताकत दिखाने के लिए रूसी ट्रैक्टर लेकर आए थे.

उन्होंने कहा, “ये ट्रैक्टर 53 साल पुराना है. सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दस साल में ट्रैक्टर बदल दिए जाने चाहिए. हालांकि ऐसे कई रूसी ट्रैक्टर अभी भी काम कर रहे हैं. ये ट्रैक्टर नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के दफ्तर जाएगा. हम एनजीटी के अफसरों को दिखाएंगे कि ये ट्रैक्टर अभी भी काम कर रहे हैं.”

राकेश टिकैत ने ये बात ज़ोर देकर कही कि 53 साल पुराने ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करना नियमों के ख़िलाफ़ नहीं है.

उन्होंने कहा, “हम यहां पिछले सात महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. क्या ये कानून का उल्लंघन नहीं है? अगर सरकार ने हमारा विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया तो वे इन ट्रैक्टरों को सड़कों पर चलने से कैसे रोकेंगे?”

“हरित क्रांति के समय ये ट्रैक्टर रूस से आयात किए गए थे. इन गाड़ियों की रफ्तार धीमी है लेकिन खेतों में इनसे बहुत अच्छी जुताई होती है.”

किसान आंदोलन के सात महीने पूरे होने पर प्रदर्शनकारी किसान देश भर में ‘किसानी बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ दिवस मना रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रपति के नाम सभी राज्यपालों को आज एक ज्ञापन सौंपा.

Related posts

संदिग्ध अवस्था में एक ही रस्सी से लटकते मिले युवक युवती के शव

Padmavat Media

उदयपुर कलेक्ट्री परिसर में अपनी मांगों को लेकर राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने डाला पड़ाव

Padmavat Media

झारखण्ड पुलिस ही पुलिस की बनी दुश्मन : राजलाल सिंह पटेल

Padmavat Media

Leave a Comment

error: Content is protected !!