🌿 हरयाळो राजस्थान अभियान को मिला जनसहयोग, सुखाड़िया विश्वविद्यालय में 30 पौधों का हुआ रोपण
🌱 हरित क्रांति और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत : प्रो. कैलाश डागा
उदयपुर। राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी ‘हरयाळो राजस्थान’ अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने की दिशा में गुरुवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में कंस्यूमर प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीपल, नीम, अशोक और आंवला सहित 30 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कंस्यूमर प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. राजश्री गांधी तथा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रो. डागा ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।
“एक पौधा लगाएं, उसका संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करें।”
राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. राजश्री गांधी ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन की अमूल्य धरोहर हैं। स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पीपल, नीम, अशोक एवं आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “हरित क्रांति पोस्टर” का विमोचन भी किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
राष्ट्रीय समन्वयक शिरीष नाथ माथुर, जिला अध्यक्ष प्रवीण नाहर, आर्ट्स कॉलेज के डीन डॉ. नवीन नंदवाना, डॉ. डॉली मोगरा, डॉ. पी.एस. राजपूत, प्रेमलता मेहता, राजेंद्र पालीवाल, भूपेश खेमेसरा सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी।

