Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान

1000 नेत्रदान की प्रेरणा बनीं रेखा सम्मानित, राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर मिला सम्मान

Reported By : Padmavat Media
Published : August 4, 2026 12:35 PM IST
राष्ट्रीय अंगदान दिवस | सम्मान

1000 नेत्रदान की प्रेरणा बनीं रेखा सम्मानित

16वें राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिला सम्मान, 15 वर्षों से नेत्रदान जागरूकता अभियान की बनीं सशक्त पहचान

उदयपुर 16वें राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर रवीन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज में आयोजित गरिमामय समारोह में नेत्रदान जागरूकता एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली रेखा, आई डोनेशन काउंसलर को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान से अलंकृत किया गया। वर्षों से निरंतर नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने और हजारों परिवारों को प्रेरित करने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन, महाराणा भूपाल चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. विपिन माथुर तथा अंगदान अधिकारी एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. तरुण रलोत ने रेखा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके सेवा कार्यों की सराहना की।

रेखा पिछले 15 वर्षों से महाराणा भूपाल चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में आई डोनेशन काउंसलर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वे राजस्थान की पहली महिला नेत्रदान काउंसलर हैं। उनके अथक प्रयासों से अब तक लगभग 1000 नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जिनके माध्यम से हजारों लोगों के जीवन में रोशनी की नई किरण पहुंची है।

वे अस्पताल की आईसीयू, मोर्चरी एवं विभिन्न वार्डों में जाकर मृतकों के परिजनों को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराती हैं तथा कठिन भावनात्मक परिस्थितियों में भी उन्हें इस महादान के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से विभिन्न जातियों, धर्मों और सामाजिक वर्गों के लोगों ने नेत्रदान कर मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

रेखा ने बताया कि नेत्रदान एक अत्यंत सरल, सुरक्षित और पुण्य कार्य है। इसमें पूरी आंख नहीं निकाली जाती, बल्कि केवल कॉर्निया लिया जाता है, जिससे चेहरे की बनावट में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता। 2 वर्ष से 85 वर्ष तक की आयु के अधिकांश व्यक्ति, कुछ गंभीर बीमारियों को छोड़कर, नेत्रदान कर सकते हैं। एक व्यक्ति के दान किए गए कॉर्निया से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई रोशनी प्रदान की जा सकती है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि परिवार में किसी सदस्य के निधन के बाद नेत्रदान का संकल्प लेकर किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाने का प्रयास करें। नेत्रदान की प्रक्रिया घर अथवा अस्पताल, दोनों स्थानों पर पूरी की जा सकती है। नेत्रदान संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए 87642 70752 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि अंगदान और नेत्रदान जैसे महादान समाज में मानवता, सेवा और संवेदनशीलता की सर्वोच्च मिसाल हैं। रेखा जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और उनके प्रयासों से प्रदेश में नेत्रदान के प्रति लोगों का विश्वास एवं जागरूकता लगातार बढ़ रही है।

Related posts

ड़ा तालाब थाना में मत्स्य ठेका निरस्त हेतु बैठक का हुवा आयोजन, ग्रामीणों ने ठेका नवीनीकरण नही करने हेतु अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

Padmavat Media

10वा जनजातीय प्रतिभा सम्मान एवं सर्व समाज शिक्षक गौरव सम्मान 29 दिसंबर को समारोह में 100 शिक्षक एवं 500 से ज़्यादा छात्र होंग़े सम्मानित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होंगे समारोह क़े मुख्यतिथि

Padmavat Media

मीनाक्षी जैन ने प्रदेशवासियों को होली की दी बधाई, कहा- उत्साह, उमंग, एकता के त्योहार…

Pavan Jain Padmavat

Leave a Comment

error: Content is protected !!