Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान

नागदा के ऐतिहासिक सास बहू मंदिर में नई रेलिंग लगाने का विरोध, संरक्षण को लेकर उठे सवाल

Reported By : Padmavat Media
Published : February 8, 2025 2:55 AM IST

नागदा के ऐतिहासिक सास बहू मंदिर में नई रेलिंग लगाने का विरोध, संरक्षण को लेकर उठे सवाल

उदयपुर । नागदा स्थित ऐतिहासिक सास बहू मंदिर में पुरातत्व विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों को लेकर पर्यटन और विरासत प्रेमियों में गहरी चिंता व्याप्त है। बिजनेस सर्कल इंडिया टूरिज्म के चार्टर अध्यक्ष और होटल एसोसिएशन उदयपुर के उपाध्यक्ष यशवर्धन राणावत ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत को मय फोटोज़ एक पत्र लिखा है, जिसमें इस कार्य को अविलंब रोकने और विशेषज्ञों से समीक्षा करवाने की मांग की गई है। राणावत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के रूप में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी से भी जुड़े हुए हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन जैन पदमावत के साथ काफ़ी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं ।

राणावत ने पत्र में स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में नई नक्काशीदार रेलिंग लगाने का कार्य जारी है, जो इस प्राचीन मंदिर के मूल स्वरूप और ऐतिहासिक गरिमा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने इस तरह के हस्तक्षेप को विरासत संरक्षण के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कहा कि ऐसे निर्णय ऐतिहासिक स्थलों की सुंदरता और प्रामाणिकता को नष्ट कर सकते हैं।

विशेषज्ञों से परामर्श के बिना विरासत पर हस्तक्षेप अनुचित है । राणावत ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इतिहास हमें सिखाता है कि कई मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों को विदेशी आक्रमणकारियों ने नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब हमें अपने ही गलत फैसलों से इन्हें नष्ट नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास के प्रति थोड़ी भी लापरवाही हमें अपने गौरवशाली अतीत से वंचित कर सकती है।

उनका मानना है कि ऐसे संवेदनशील कार्यों से पहले विरासत संरक्षण विशेषज्ञों, वास्तुशास्त्रियों और इतिहासकारों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए, ताकि मंदिर की ऐतिहासिकता बनी रहे और इसे बिना नुकसान पहुंचाए संरक्षित किया जा सके। मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर सहित कई अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी गई । इस महत्वपूर्ण विषय पर त्वरित हस्तक्षेप की मांग करते हुए, इस पत्र की प्रतिलिपि संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री राजस्थान, एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य सचिव राजस्थान सरकार और प्रमुख सचिव पर्यटन विभाग को भी भेजी गई है।

राणावत ने इस पत्र में पुरातत्व विभाग से अनुरोध किया है कि जब तक इस कार्य की समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक इसे तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा कि उदयपुर और मेवाड़ का इतिहास विश्वविख्यात है और हमारी ऐतिहासिक धरोहरों को बिना सोचे-समझे बदलने की बजाय, इन्हें उनके मूल स्वरूप में ही सहेजने की जरूरत है। इस मुद्दे पर सभी पर्यटन हितधारक एक मत दिखे। गाइड एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय सिंह कांकरवा  ने भी गहरी चिंता व्यक्त की और कहा की विरासत को सही से सहजने की जरूरत है । उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन पटल पर एक बुद्धिजीवी पैनल बनाने की बात कही ।

Related posts

Rajasthan Budget 2023: ‘मरुधरा का महाबजट’ आधे घंटे के लिए स्थगित, CP जोशी को दिखानी पड़ी तल्खी

Padmavat Media

लेकसिटी में हुआ ‘मेकिंग उदयपुर प्राउड अवार्ड शो’

अनुरंग 2026 उत्सव में झलकी प्रतिभा और संस्कृति, पाहेर विश्वविद्यालय में रंगारंग आयोजन

Padmavat Media

Leave a Comment

error: Content is protected !!