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सकल दिगंबर जैन समाज ने दीक्षार्थी विनोद कुमार हूमड की गोद भराई की । 

Reported By : Padmavat Media
Published : August 3, 2022 5:29 PM IST

सकल दिगंबर जैन समाज ने दीक्षार्थी विनोद कुमार हूमड की गोद भराई की । 

भीलवाड़ा । विद्यासागर वाटिका में मुनिश्री शुभम सागर जी महाराज एवं मुनिश्री सक्षम सागर जी महाराज के सानिध्य में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा दीक्षार्थी विनोद कुमार हूमड की भव्य गोद भराई की गई। बड़ी संख्या में समाज जन मौजूद था ।

शहर के सभी मंदिरों के श्रावक- श्राविकाऐ अलग-अलग ड्रेस कोड में नाचते- गाते सत्येंद्र एंड पार्टी की संगीत स्वर लहरियों में दीक्षार्थी विनोद कुमार हूमड की गोद भराई की। इस अवसर पर पाठशाला के बालक – बालिकाओं ने सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। आदिनाथ महिला मंडल ने दीक्षा के महत्व पर आधारित भक्ति गीत के साथ नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शक गणों ने तालियां बजाकर अभिवादन किया। हूमड समाज के महिला -पुरुष, युवा नाचते- गाते, झुमके हुए दीक्षार्थी की गोद भराई की।

विजय पंचोली ने दीक्षार्थी के जीवन परिचय पर अपने विचार प्रकट किए।

आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश गोधा ने कहा कि दीक्षार्थी विनोद हूमड ने सरकारी नौकरी छोड़ने के उपरांत अपना ज्यादा समय धार्मिक क्षेत्रों में दिया। इन्होंने सभी तीर्थ क्षेत्रों की वंदना की। तीर्थक्षेत्रों पर लंबी दूरी तक पदयात्रा बहुत की। इन्होंने कभी थकावट महसूस नहीं किया। भीलवाड़ा के आर .के.कॉलोनी मंदिर के ट्रस्टी रहे थे रोज नित्य पूजन करने में अग्रणी रहे।

इस अवसर पर दीक्षार्थी विनोद कुमार हूमड ने कहा कि वैराग्य पर जाने से ही मनुष्य का कल्याण हो सकता है। दीक्षा लेने के पहले गुरुओं का मुझे सानिध्य एवं वाणी सुनने का अवसर मिला मिला । स्वाध्याय करने के उपरांत मैंने दीक्षा लेने के भाव प्रकट किए। काफी लंबे समय से दीक्षा लेने के भाव हो रहे थे। जो आज साकार होने जा रहा है। इन्होंने सभी से जान- अनजान में गलतियों भूलों के लिए क्षमा याचना भी की ।

इस दौरान मुनि श्री शुभम सागर जी महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि भीलवाड़ा नगर में चातुर्मास स्थापना से लेकर आज तक वीतराग प्रभु की आराधना के प्रति यहां भक्ति नजर आ रही है । जो श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि व्यसनों का जीवन जीना नहीं है। दीक्षार्थी विनोद हूमड ने अच्छे भव की प्राप्ति कर मोक्ष मार्ग पर जाने का संकल्प लिया है। जो अनुकरणीय है। भीतर एकत्व के भाव को दर्शाता है । मुनिश्री ने कहा कि वीतराग शासन में श्रद्धा भगवता को प्रकट किया जा सकता है। दीक्षार्थी के मोक्ष मार्ग के लिए मंगल कामना की ।

मुनि श्री सक्षम सागर जी महाराज ने कहा कि वैराग्य पथ जाने की भावना किसी की भी क्षण भर में आ सकती है।

इस अवसर पर श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट की ओर से दीक्षार्थी विनोद कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर भाव- भिना सम्मान किया। इसका वाचन अजय बाकलीवाल ने किया। समारोह का संचालन महेंद्र कुमार सेठी एवं सुरेश गदिया ने किया।

उल्लेखनीय है कि दोपहर 12: 15 बजे आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से बैंड बाजों के साथ शोभा यात्रा मुनि श्री शुभम सागर जी महाराज एवं सक्षम सागर जी महाराज के सानिध्य में निकली। श्रद्धालुगण नाचते- गाते भक्ति के साथ विद्यासागर वाटिका में पहुंचे।

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