Padmavat Media
महत्वपूर्ण सूचना
राजस्थान

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का शिल्पग्राम उदयपुर दौरा | “विकास करें, मगर विरासत को न छोड़ें”

Reported By : Padmavat Media
Published : November 23, 2025 7:03 PM IST

विकास करें, मगर विरासत को न छोड़ें — असम राज्यपाल

शिल्पग्राम में लोक कलाओं का अवलोकन, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता मन

उदयपुर । असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने रविवार सुबह शिल्पग्राम का भ्रमण किया। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक यात्रा में राज्यपाल ने विभिन्न लोक कलाओं, पारंपरिक झोपड़ियों, ग्रामीण परिवेश और हस्तशिल्प की अनूठी झलक देखी। बंजारा मंच पर प्रस्तुत लोक नृत्य और संगीत ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

शिल्पग्राम के मुख्य द्वार पर राज्यपाल का तिलक एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया, इसके बाद उन्हें शिल्पग्राम परिसर का विस्तृत अवलोकन कराया गया। यहां उन्होंने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक झोपड़ियों, स्कल्प्चर पार्क और हस्तशिल्प स्टालों को करीब से देखा। अधिकारियों ने उन्हें आगामी शिल्पग्राम उत्सव की तैयारियों से भी अवगत कराया।

बंजारा मंच पर कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लंगा-मांगणियार, कालबेलिया, भपंग, गोंधल, डांगी और अन्य लोक प्रदर्शनियों ने राज्यपाल का मन मोह लिया। उन्होंने कलाकारों से संवाद कर उनके कौशल और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश चांदवानी ने किया। इस अवसर पर केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल का संदेश :

राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से उन्हें लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा हम विकास करें मगर अपनी विरासत को न छोड़ें। हमारी संस्कृति की यह जीवंत झलक मन को गदगद कर देती है। कलाकारों और अधिकारियों को हृदय से बधाई। मां कामाख्या से प्रार्थना करता हूं कि आपको और शक्ति मिले, जिससे आप अपनी कला के माध्यम से राजस्थान का नाम देश-विदेश में और ऊंचा करें।

शिल्पग्राम में यह आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपरा और कलात्मक विविधता का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया।

Related posts

जिला पुलिस अधीक्षक ने किया कल्याणपुर , बावलवाडा पुलिस थाने का निरक्षण ,

बांसवाड़ा पुलिस की विशेष अभियान के तहत 5 शातिर बदमाश गिरफ्तार

Padmavat Media

कानोड़ प्रवास में पवन जैन पदमावत का 12वीं सदी के जैन तीर्थ में अद्भुत दर्शन

Padmavat Media

Leave a Comment

error: Content is protected !!